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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Weather Update: उत्‍तराखंड के इस शहर में सूरज का चढ़ा 'पारा', घरों में कैद हुए लोग

    Updated: Fri, 14 Jun 2024 10:00 AM (IST)

    Weather Update सूरज के तेवर नरम होने की बजाए गर्म होते जा रहे हैं। गुरुवार को पछवादून में भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे। गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग ...और पढ़ें

    Weather Update: गर्म हवा ने पछवादून के लोगाें को किया बेहाल, 42 डिग्री तक चढ़ा पारा
    Weather Update: गर्म हवा ने पछवादून के लोगाें को किया बेहाल, 42 डिग्री तक चढ़ा पारा

    HighLights

    1. दोपहर में चल रही गर्म हवाओं ने रोड पर चलने वालों को किया बेहाल

    संवाद सहयोगी, जागरण विकासनगर: Weather Update: सूरज के तेवर नरम होने की बजाए गर्म होते जा रहे हैं। गुरुवार को पछवादून में भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे। सुबह से ही चढ़ना शुरू हुआ तापमान दोपहर तक 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिससे आम जनजीवन व्यापक स्तर पर प्रभावित हो गया।

    लोग कामकाज छोड़कर अपने घरों में ही रहने को मजबूर रहे। उधर, गर्म हवाओं ने बाहर निकलने वाले लोगों को बेहाल किया। वर्षा नहीं होने के कारण इस बार गर्मी ज्यादा पड़ रही है। इसी क्रम में गुरुवार सुबह सूरज निकलने के साथ ही गर्मी बढ़नी शुरू हो गई। दोपहर में चल रही गर्म हवा ने लोगों को बेहाल कर दिया।

    अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस

    लोग पूरी तरह से मुंह ढक कर ही घरों से बाहर निकले। कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज में लगे मौसम संयत्र में गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लू के थपेड़ों से परेशान लोग घरों में ही दुबकने को मजबूर रहे। वहीं, भीषण गर्मी से क्षेत्र का किसान मुश्किल में है।

    बागों से लेकर खेतों तक किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। बाग स्वामी मोहम्मद तालिब, सुरेश राठौर, जगबीर सिंह ने बताया कि आम व लीची की फसल के लिए वर्षा का होना बेहद जरूरी था। वर्षा न होने से लीची की फसल को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है और आम की फसल भी अब नुकसान की ओर बढ़ रही है।

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    उन्होंने बताया कि यही हाल धान की रोपाई का है। वर्षा नहीं होने से खेतों में पानी की पूर्ति करना किसान के लिए बेहद मुश्किल है। उन्होंने बताया कि यदि यही स्थिति रही तो धान की फसल में भी किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।