उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पेपर लीक मामला: सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, वाट्सएप पर भेजे थे सवाल
उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पेपर लीक मामले में दून पुलिस ने शिवालिक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा के पेपर लीक मामले पुलिस ने आरोपित सहायक प्रोफेसर आशीष गुप्ता को किया गिरफ्तार।
HighLights
यूटीयू पेपर लीक में सहायक प्रोफेसर आशीष गुप्ता गिरफ्तार
परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर भेजे थे प्रश्न
दून पुलिस कर रही मामले की गहन जांच
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा के पेपर लीक मामले में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले वाट्सएप ग्रुप के जरिये छात्रों को ऐसे सवाल भेजे थे, जो बाद में परीक्षा के प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते पाए गए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल था।
मामले की शुरुआत उस ई-मेल से हुई, जो परीक्षा के बाद विश्वविद्यालय को मिला। इसमें दावा किया गया था कि तीन जुलाई को सहायक प्रोफेसर ने छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल साझा किए थे। आठ जुलाई को परीक्षा होने के बाद जब इन सवालों का प्रश्नपत्र से मिलान किया गया तो उनमें काफी समानता मिली।
विश्वविद्यालय ने मामले की आंतरिक जांच कराई। जांच समिति ने पाया कि आरोपी ने परीक्षा से पहले छात्रों के वाट्सएप ग्रुप और आंतरिक पोर्टल पर परीक्षा से जुड़े प्रश्न साझा किए थे। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें बर्खास्त कर दिया और विश्वविद्यालय ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर प्रेमनगर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 316, 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान मिले दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के अनुसार, आरोपित से बरामद मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि प्रश्नपत्र लीक करने में कोई और व्यक्ति या संगठित नेटवर्क शामिल था या नहीं। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।