हरिद्वार: अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की जंग तेज, श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी ने लगाया हत्या की साजिश का आरोप
श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी (निरंजनी गुट) ने श्रीमहंत रविंद्र पुरी (महानिर्वाणी गुट) पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। ...और पढ़ें

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद(निरंजनी गुट) के अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्र पुरी ने सोमवार को हरिद्वार में पत्रकार वार्ता की : जागरण
HighLights
डॉ. रविंद्र पुरी ने हत्या की साजिश का आरोप लगाया
महानिर्वाणी गुट के अध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ धमकी भरा वीडियो
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। अखाड़ा परिषद (निरंजनी गुट) एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्र पुरी ने अखाड़ा परिषद (महानिर्वाणी गुट) के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
इंटरनेट मीडिया की एक पोस्ट का स्क्रीन शाट प्रसारित होने के बाद डा. रविंद्र पुरी ने श्रीमहंत रविंद्र पुरी हमला बोला और चेतावनी दी कि वे धमकियों से नहीं डरने वाले।
श्रीमहंत डा. रविंद्र पुरी (निरंजनी गुट) ने श्री दक्षिण काली मंदिर में पत्रकारों को बताया कि इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट का स्क्रीन शाट प्रसारित हुआ है, जिसमें उन पर कई अनर्गल आरोप लगाते हुए हत्या की धमकी दी गई है।
वीडियो बाद में हटा दिया गया। धमकी के पीछे अखाड़ा परिषद (महानिर्वाणी गुट) के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी का हाथ होने का आरोप लगाते हुए श्रीमहंत डा. रविंद्र पुरी ने कहा कि जो व्यक्ति या संत उनकी हत्या का इरादा रखते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि वे सुधीर गिरि या मोहनदास नहीं हैं, जो उनकी हत्या कर बच जाएंगे।
ऐसा दुस्साहस करने वाला कोई भी व्यक्ति बचेगा नहीं। कहा कि अखाड़ा परिषद (निरंजनी) और अखाड़ा परिषद (महानिर्वाणी) अलग-अलग गुट हैं।
इस दौरान निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि, संत शिरोमणी श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के पीठाधीश्वर संदीप खत्री, स्वामी सच्चिदानंद, महंत गणेश दास, महंत भगवान दास सहित कई संत महंत मौजूद रहे।
वहीं, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी से जब विषय पर पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल फोन स्विच आफ आया।
प्रयागराज से प्रसारित हुआ वीडियो
श्रीमहंत डा. रविंद्र पुरी ने कहा कि वे अखाड़ा परंपरांओं और सनातन के संरक्षण के कार्य को जारी रखेंगे। हरिद्वार के कुछ संतों के प्रयागराज में प्रेस वार्ता करने के बाद धमकी भरा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है। धमकी के पीछे स्थानीय संत की संलिप्तता का साफ संकेत मिलता है। प्रेस वार्ता में उन पर तमाम अनर्गल आरोप लगाए गए।