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    कांवड़ यात्रा पर निकलीं तीन तलाक व हलाला पीड़ित अनिसा बानो, हरिद्वार से गाजियाबाद रवाना

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 02:06 PM (GMT+05:30)

    अनीसा बानो और तमन्ना मलिक ने हरिद्वार के चंडीघाट से बुर्के में कांवड़ उठाई, जिसके बाद वे गाजियाबाद के लिए रवाना हुईं। संतों ने उनका स्वागत किया और उन् ...और पढ़ें

    HighLights

    1. अनीसा बानो और तमन्ना मलिक ने बुर्के में कांवड़ उठाई

    2. हरिद्वार के चंडीघाट से गाजियाबाद के लिए रवाना हुईं

    3. संतों ने स्वागत कर भगवा वस्त्र और पुस्तकें भेंट कीं

    जागरण संवाददाता, हरिद्वार। धर्मनगरी के चंडीघाट से संभल की तमन्ना मलिक और तीन तलाक व हलाला पीड़ित अनिसा बानो ने बुर्के में मां गंगा की पूजा अर्चना कर कांवड़ उठाई और गाजियाबाद के लिए रवाना हुई।

    इस कांवड़ यात्रा में तमन्ना के पति अमन त्यागी भी शामिल हैं। एक सप्ताह पहले चंडीघाट से एक्स मुस्लिम भी कांवड़ उठा चुके हैं।

    मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना

    चंडीघाट पर संतों ने तमन्ना मलिक और अनिसा बानो का स्वागत किया। उन्हें भगवा वस्त्र देकर सम्मानित किया। संतों ने तमन्ना मलिक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण पुस्तक भेंट की। जबकि अनिसा बानो का भागवत गीता की पुस्तक भेंट की। इस दौरान स्वामी रामविशाल दास महाराज, महंत ओम दास महाराज, हितेश दास महाराज, पंडित रोहत शुक्ला ने मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना करवाई।

    दोनों ने मां गंगा के अमृत जल का आचमन किया। जिसके बाद गंगा जल भरकर गाजियाबाद के लिए रावाना हुए। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क नजर आया। कांवड़ यात्रियों ने भी इनका स्वागत किया। इन्हें 11 अगस्त तक गाजियाबाद पहुंचना है। संभल की तपन्ना मलिक ने फाल्गुन मास में बुर्का पहनकर भी हरिद्वार से कांवड़ यात्रा उठाई थी।

    करीब पांच दिन की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद महाशिवरात्रि पर संभल स्थित नैमिषारण्य प्राचीन तीर्थ मंदिर में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया था। उस समय तमन्ना मलिक की बुर्का पहनकर कांवड़ ले जाने की यात्रा काफी चर्चा में आई थी। तमन्ना मलिक ने कहा कि उनकी यह यात्रा सुख शांति और समृद्धि के लिए है।

    तीन तलाक व हलाला पीड़ित अनिसा बानो ने बताया कि एक सप्ताह तक उन्होंने हरिद्वार में भगवान शिव का अनुष्ठान कराया है। अब 11 अगस्त को गाजियाबाद में जलाभिषेक करेंगी। भगवान शिव से उनकी प्रार्थना है कि उनके बच्चे उन्हें मिल जाएं, जो अभी उसके पति के पास हैं।

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