यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Baal Sudhar Greh : बाल सुधारगृह में भी नहीं सुधरे, बाहर निकले तो कर दी हत्या- उत्तराखंड पुलिस भी हैरान
Haridwar News Update उम्मीद थी कि बाल सुधार गृह में भूल में सुधार होकर वह मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे। लेकिन बाहर निकले तो दुर्दांत अपराधी बनकर। एक मा ...और पढ़ें

रमन त्यागी, रुड़की : लंढौरा के साकिब हत्याकांड में पुलिस ने मृतक के दो साथियों उज्जवल एवं आदेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तीनों ही आरोपितों की मंशा रुड़की के एसबीआइ बैंक में बड़ी लूट या डकैती की वारदात को अंजाम देना था। मृतक साकिब जहां दुष्कर्म के मामले में किशोरावस्था में जेल गया था तो उज्जवल ने एक घर में आग लगाकर वहां रह रहे परिवार को संकट में डाल दिया।
पुलिस ने उज्जवल को वर्ष 2020 में प्राणघातक हमले के प्रयास में गिरफ्तार किया और न्यायालय से उसे बाल सुधारगृह भेज दिया गया। जबकि, आदेश ने एक युवक को मुजफ्फरनगर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। तीनों ही बाल सुधार गृह में एक साथ रहे।
बाल सुधार गृह से निकले तो कर दी हत्या
उम्मीद थी कि बाल सुधार गृह में भूल में सुधार होकर वह मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे। लेकिन, बाहर निकले तो दुर्दांत अपराधी बनकर। एक माह से भी कम समय में दो-दो हत्याएं कर और खुखांर हो गए। ऐसे में किशोरों एवं युवाओं में बढ़ती आपराधिक वारदात को लेकर पुलिस के अधिकारी भी चिंतित नजर आ रहे हैं।
25 नवंबर से आठ दिसंबर के बीच उज्जवल एवं आदेश ने दो-दो हत्या कर डाली। इरादे इतने खतरनाक कि पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारियों को भी अपनी बातों में उलझाते रहे। मुंह खुलवाने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। उनके इरादों को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान है।
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पुलिस अधीक्षक देहात स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि वास्तव में जिस तरह से उन्होंने जघन्य अपराध किया है और एक अन्य बड़े अपराध को होने से पुलिस ने रोका है, वह बेहद गंभीर है। कानून ने उनको सुधार का एक मौका दिया। लेकिन, उन्होंने इस मौके को भी गंवा दिया।
कारोबारी पर फायरिंग करने वाला भी था नाबालिग
रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के शेरसिंह राणा चौक के समीप एक कारोबारी पर फायरिंग की गई थी। इस फायरिंग में एक नाबालिग को पुलिस ने नामजद किया है। उसको अब बाल सुधारगृह भेज दिया गया। इससे पहले भी आरोपित रामनगर में फायरिंग कर चुका था।
बच्चों एवं किशोरों में बढ़ती अपराध की मुख्य वजह इंटरनेट मीडिया भी है। तमाम प्लेटफार्म ऐसे हैं जहां से बच्चे गलत चीजों को सीख रहे हैं और उनकी ओर आकृषित होते हैं। बाल एवं किशोरावस्था में भटकाव अधिक होता है, ऐसे में बच्चों को सही मार्ग पर लाने के लिए उनकी लगातार काउंसलिंग जरूरी है। जोकि उनको नहीं मिल पाती है।
डा. प्रिया सिन्हा, मनोचिकित्सक