Updated: Fri, 25 Oct 2024 07:10 PM (IST)
तिरुपति बालाजी लड्डू विवाद के बाद अब दरगाह पिरान कलियर में चढ़ाए जाने वाले इलायची दाना प्रसाद और सोहन हलवे में केमिकल के इस्तेमाल का मामला सामने आया ह ...और पढ़ें
संवाद सूत्र, जागरण, कलियर (हरिद्वार)। Piran Kaliyar Prasad: तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावटी घी का प्रयोग किए जाने के बाद अब दरगाह पिरान कलियर में चढ़ाए जाने वाले इलायची दाना प्रसाद और सोहन हलवे में केमिकल का उपयोग करने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को खाद्य संरक्षा विभाग व प्रशासनिक टीम की छापामार कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई।
जांच में पता चला कि दरगाह में बनाए जाने वाले प्रसाद में सोडियम हाइड्रो सल्फाइड का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर इस केमिकल का इस्तेमाल कपड़ों की रंगाई में होता है। इसके अलावा दरगाह में कई अनियमितताएं भी सामने आई हैं। कार्रवाई के दौरान पता चला कि निर्माण इकाई के पास खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से जारी होने वाला फूड सेफ्टी का लाइसेंस भी नहीं था। गंदे और बदबूदार स्थान पर प्रसाद का निर्माण किया जा रहा था।
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कार्रवाई के निर्देश
प्र साद का सैंपल लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष कुमार मिश्रा, जिला खाद्य संरक्षा अधिकारी एमएम जोशी, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी योगेन्द्र पांडे, दिलीप जैन दरगाह पिरान कलियर पहुंचे। उन्होंने दरगाह में सबसे पहले इलायची दाने और सोहन हलवे की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि यहां पर सोहन हलवे के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है। चीनी के बोरे काफी गंदी हालत में थे। साथ ही, कई गड़बड़ी भी मिली हैं। इसके अलावा पता चला कि इलायची दाने के निर्माण में सोडियम हाइड्रो सल्फाइड का इस्तेमाल हो रहा है, जो कि अखाद्य केमिकल है।
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यहां पर साफ-सफाई भी ठीक नहीं मिली है। बर्तन गंदी हालत में थे। जिसके सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। इसके बाद अपर सचिव स्वास्थ्य व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बाजार का निरीक्षण करते हुए सभी दुकानदारों को लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए हैं।
मीठा जहर है सोडियम हाइड्रो सल्फाइड
रुड़की सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. एके मिश्रा ने बताया कि सोडियम हाइड्रो सल्फाइड का इस्तेमाल यदि खाने की वस्तु में किया जाता है, तो वह मीठे जहर के रूप में काम करता है। सबसे पहले यह लीवर पर असर डालता है और धीरे-धीरे लीवर कमजोर होता चला जाता है। इसके उपयोग से पीलिया भी हो जाता है। केमिकल होने की वजह से यह प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। यह शरीर में धीरे-धीरे असर दिखाता है।