हरिद्वार कांवड़ मेले में बिछुड़ी मूकबधिर महिला को पुलिस ने परिवार से मिलाया, अभी घर नहीं पहुंचा पति
कांवड़ मेले में बिछुड़ी एक मूक-बधिर महिला को हरिद्वार पुलिस ने चार दिन की मशक्कत के बाद उसकी दो साल की बेटी सहित परिवार से मिलाया। ...और पढ़ें

HighLights
कांवड़ मेले में बिछुड़ी मूक-बधिर महिला को पुलिस ने परिवार से मिलाया।
हरिद्वार पुलिस ने चार दिन की मशक्कत के बाद परिवार ढूंढा।
देवभूमि मूकबधिर एसोसिएशन ने महिला की पहचान में पुलिस की सहायता की।
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। कांवड़ मेले की भीड़ में पति से बिछुड़ी मूक-बधिर महिला के परिवार को आखिरकार पुलिस ने चार दिन की मशक्कत के बाद ढूंढ निकाला। महिला न सुन सकती थी, न बोल सकती थी और न ही पढ़ना-लिखना जानती थी, जिससे परिवार को ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
स्थानीय मुख्यबधिरों से महिला की बातचीत कराने के बाद पुलिस ने दिल्ली निवासी परिवार से संपर्क किया। हालांकि, महिला का मूकबधिर पति भी अभी घर नहीं पहुंचा है।
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि एक अगस्त को शंकराचार्य चौक पर रोती हुई महिला अपनी दो वर्षीय बेटी के साथ मिली थी। पुलिस उसे कनखल कोतवाली ले लाई, लेकिन वह केवल इशारों में ही बता सकी कि वह अपने पति के साथ कांवड़ लेने आई थी और भीड़ में बिछड़ गई।
सुरक्षा के मद्देनजर महिला और बच्ची को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। इंस्पेक्टर कनखल देवेंद्र रावत के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने इंटरनेट मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से उसकी पहचान और स्वजनों की तलाश शुरू की।
देवभूमि मूकबधिर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा, प्रवक्ता सोनिया अरोड़ा की मदद से पुलिस ने महिला से बातचीत कर परिवार का सुराग जुटाने का प्रयास किया।
काफी प्रचार-प्रसार के आधार पर महिला के ससुर राजकुमार, निवासी महेंद्र नगर (नेपाल), हाल निवासी गांधी नगर, दिल्ली हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने महिला की पहचान सुमन और बच्ची की पहचान शिवानी के रूप में की।
उन्होंने बताया कि सुमन का पति करण उर्फ कर्मा भी मूक-बधिर है और अभी तक घर नहीं पहुंचा है। सत्यापन के बाद पुलिस ने सुमन और उसकी बेटी को स्वजनों के सुपुर्द कर दिया।
अपनों से मिलकर भावुक हुई महिला ने इशारों में हरिद्वार पुलिस का आभार जताया। टीम में एसएसआई अनुज सिंह, हेड कांस्टेबल संजय धनाई, कांस्टेबल विजयपाल, महिला कांस्टेबल प्रियंका, सुमन भंडारी शामिल रहे।