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    हरिद्वार: गुरुकुल कांगड़ी विवि के छात्रों का कमाल, सीमा पर सैनिकों तक दवाइयां पहुंचाएगा हाइब्रिड ड्रोन

    Updated: Sun, 31 May 2026 08:57 AM (IST)

    गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के छात्रों ने सैनिकों के लिए एक हाइब्रिड ड्रोन विकसित किया है। यह ड्रोन सीमा पर दवाइयां और खाद्य सामग्री पहुंचाने में सक ...और पढ़ें

    चार किलोग्राम तक भार ले जाने में सक्षम, तीन वर्ष की मेहनत से तैयार हुआ मॉडल।

    चार किलोग्राम तक भार ले जाने में सक्षम, तीन वर्ष की मेहनत से तैयार हुआ मॉडल।

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    जागरण संवाददाता, हरिद्वार। देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक आपातकाल में दवाइयां और खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के छात्रों ने हाइब्रिड ड्रोन विकसित किया है।

    यह ड्रोन सीमित स्थान से उड़ान भर सकता है। लंबी दूरी तक उड़ान भरने के साथ करीब चार किलोग्राम भार ले जाने में सक्षम है। इसका उपयोग दुर्गम क्षेत्रों में सैनिकों तक जरूरी सामान पहुंचाने और आपदा राहत कार्यों में किया जा सकता है।

    तीन साल की मेहनत

    अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने क्वाड प्लेन हाइब्रिड कम्युनिकेशन आरसी प्लेन (ड्रोन) का निर्माण किया है। डा. अतुल वार्ष्णेय ने बताया कि ड्रोन का वजन लगभग 2.7 किलोग्राम है। इसमें लगी मोटर सात से आठ किलोग्राम तक का थ्रस्ट उत्पन्न करती हैं, जिससे यह आसानी से चार किलोग्राम तक का सामान ले जा सकता है।

    सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात और घायल सैनिकों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से इसे तैयार किया गया है। विभागाध्यक्ष प्रो. विपुल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों ने इस परियोजना पर पिछले तीन वर्षों से कार्य किया है। ड्रोन का परीक्षण संकाय परिसर में सफलतापूर्वक किया गया। परीक्षण के दौरान इसकी उड़ान, संतुलन और कार्यक्षमता का प्रदर्शन किया गया। इस परियोजना में सुब्रत मंडल, राहुल कठोर, अभिजीत हर्ष, तरुष, हर्ष राज, सूरज कुमार और मुहम्मद उमेर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने विद्यार्थियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि छात्र लगातार नवीन शोध और तकनीकी नवाचारों पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आविष्कार विश्वविद्यालय को वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक होगा। सहायक कुलसचिव डा. पंकज कौशिक ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

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