यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Joshimath Sinking: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जोशीमठ भूधंसाव का मामला, दाखिल हुई पीआइएल
Joshimath Sinking जोशीमठ भूधंसाव का मामला अब सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है। भूधंसाव मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी महाराज ने शनिवार को अपने ...और पढ़ें

टीम जागरण, हरिद्वार: Joshimath Sinking: जोशीमठ भूधंसाव का मामला अब सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है। मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी महाराज ने शनिवार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में पीआइएल दाखिल की है। उक्त जानकारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती के मीडिया प्रभारी डाक्टर शैलेन्द्र योगी उर्फ योगीराज सरकार ने दी है।
शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जोशीमठ का दौरा किया और प्रभावितों से मुलाकात भी की। बता दें कि जोशीमठ में हो रहे भूधंंसाव के कारण 800 से ज्यादा भवनों में दरारें आ चुकी हैं। जिसे लेकर राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है।
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भूधंसाव और घरों में दरारें आने का क्रम जारी
जोशीमठ शहर और उसके आसपास के इलाकों में भूधंसाव और घरों में दरारें आने का क्रम जारी है। कुछ अन्य घरों में भी दरारें उभर आई हैं। इससे समूचे क्षेत्र में दहशत है। जोशीमठ के सिंहधार वार्ड में भूधंसाव बढ़ता जा रहा है। जोशीमठ में हो रहे भू धंसाव के कारण ज्योर्तिमठ और भगवान बदरीनाथ के शीतकालीन प्रवास स्थल को भारी नुकसान पहुंचा है।
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प्रभावित क्षेत्र से अब तक 109 परिवार शिफ्ट हो चुके हैं। इनमें 49 परिवारों को प्रशासन ने राहत शिविरों में ठहराया है। सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में एनडीआरएफ तैनात कर दी गई है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जा सकें।
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जगह-जगह फट रही है जमीन भी
दरारें लगातार चौड़ी हो रही हैं। जमीन भी जगह-जगह फट रही है। सरकार ने जोशीमठ में हालातों का जायजा लेने के लिए विशेषज्ञों की आठ सदस्यीय टीम अध्ययन के लिए भेजी है। भूधंसाव के कारणों की जांच की जा रही है। समाधान के लिए हर कोण से समस्या का आकलन किया जा रहा है।