कांवड़ यात्रा सुरक्षा: पुलिस की इंटरनेट मीडिया पर पैनी नजर, अफवाहों पर लगेगी लगाम
कांवड़ यात्रा से पहले रुड़की पुलिस इंटरनेट मीडिया पर 24 घंटे कड़ी नजर रखेगी। जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी भ्रामक पोस्टों के मद्देनजर भड़काऊ सामग्री पर ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, रुड़की। 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। पुलिस और जिला प्रशासन सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। इस बार मैदान में केवल भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन ही चुनौती नहीं होगा, बल्कि इंटरनेट मीडिया भी पुलिस के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।
हाल के दिनों में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी अनेक पोस्ट, वीडियो और भ्रामक संदेश तेजी से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे संवेदनशील माहौल में यदि भड़काऊ या फर्जी सामग्री कांवड़ यात्रा से जोड़कर प्रसारित होती है तो माहौल खराब हो सकता है।
लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं उत्तराखंड
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इतनी बड़ी भीड़ के बीच इंटरनेट मीडिया पर फैली एक झूठी सूचना भी अफरा-तफरी की स्थिति पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए पुलिस इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर लगातार नजर रखने की तैयारी में है। इंटरनेट मीडिया पर इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस इस तरह की प्रसारित पोस्ट और वीडियो पर पैनी नजर रखेगी।
वहीं, इस समय दिल्ली जंतर-मंतर में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो और पोस्ट अलग-अलग दावों के साथ साझा किए जा रहे हैं। आशंका है कि असामाजिक तत्व पुराने वीडियो या एडिट कांवड़ यात्रा से जोड़कर माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। पुलिस ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
खबरें और भी
कांवड़ यात्रा में इंटरनेट मीडिया की निगरानी के लिए आइटी सेल, साइबर थाना और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय रहेगा। संदिग्ध पोस्ट की सूचना मिलने पर तत्काल जांच कर तथ्य सामने लाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर संबंधित प्लेटफार्म से आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
इस समय पुलिस भी आम लोगों और कांवड़ यात्रियों से अपील कर रही है कि किसी भी अपुष्ट खबर, वीडियो या संदेश को बिना सत्यापन के साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध या भड़काऊ पोस्ट दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
यह रहेगी पुलिस की रणनीति
- इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म की लगातार निगरानी।
- भड़काऊ और फर्जी पोस्ट की त्वरित जांच।
- साइबर टीम और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय।
- अफवाह फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई।
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। इंटरनेट मीडिया पर पैनी नजर रहेगी। इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने और भ्रामक सामग्री पोस्ट करने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। - शेखर चंद्र सुयाल, एसपी देहात, रुड़की