IIT Roorkee में एनएसए अजीत डोभाल, बताया किन तीन बातों ने उन्हें किया इंस्पायर
आईआईटी रुड़की में दो दिवसीय दीक्षा समारोह का शुभारंभ हुआ, जिसमें पहले दिन एनएसए अजीत डोभाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

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जागरण संवाददाता, रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की के दीक्षांत भवन में शनिवार को दो दिवसीय दीक्षा समारोह का शुभारंभ हो गया।
दीक्षा समारोह में प्रथम दिवस मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल उपस्थित रहे। जबकि बतौर विशिष्ट अतिथि चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि शामिल हुए।
वहीं पूर्व सालिसिटर जनरल आफ इंडिया एवं बोर्ड आफ गवर्नर्स, आइआइटी रुड़की के अध्यक्ष अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दीक्षा समारोह की अध्यक्षता की। दीक्षा समारोह में स्नातक के 1277 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की जाएगी। जबकि दूसरे दिन स्नातकोत्तर एवं पीएचडी विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएगी। दो दिन में कुल 2701 छात्र-छात्राओं को उपाधि मिलेगी।
छात्रों को दिए जीवन के मूल मंत्र
दीक्षा समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को जीवन के मूल मंत्र दिए। साथ ही उनसे अपने जीवन के अनुभव साझा किए। एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि जीवन में इन तीन बातों को जान लिया जाए तो मंजिल तक पहुंचने में कोई मुश्किल नहीं है।
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हम कहां पर हैं, कहां जाना चाहते हैं और वहां जाने का रास्ता एवं वापस आने का रास्ता क्या है। उन्होंने कहा कि इन तीनों बातों ने उनके जीवन को काफी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं के पास अपार संभावनाएं हैं।
युवा शक्ति को अपनी ऊर्जा और क्षमताओं का प्रयोग देश हित में करना चाहिए। साथ ही उन्होंने जीवन में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को महत्वपूर्ण बताया। एनएसए ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दी।
