रुड़की में आखिर किस काम की खुफिया विभाग की यह फौज, आतंकी मुशर्रफ के बारे में नहीं लगी हवा
रुड़की का खुफिया विभाग सांप्रदायिक तनाव, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और नशे के कारोबार पर समय पर इनपुट देने में विफल रहा है। ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, रुड़की। खुफिया विभाग के अफसर एवं कर्मचारियों की पूरी फौज शहर से लेकर देहात तक मौजूद है पर मजाल आज तक एक भी सांप्रदायिक तनाव की सूचना समय रहते पुलिस प्रशासन को दी गई।
राष्ट्र विरोधी गतिविधियोंं में संलिप्त लोगों के बारे में जब पता चलता है जब मीडिया के जरिए रिपोर्ट बाहर आ जाती है। नशे का पूरा कारोबार जारी हैं लेकिन आज तक खुफिया विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी एक इनपुट भी नहीं दे पाए हैं।
मुशर्रफ के बारे में खुफिया विभाग को कोई जानकारी नहीं
खुफिया विभाग पुलिस एवं प्रशासन की आंख एवं कान है। रुड़की शहर से लेकर देहात तक खुफिया विभाग के अफसरों से लेकर कर्मचारियों की पूरी फौज है। दावा किया जाता है कि वह लगातार इनपुट देकर क्षेत्र की कानून व्यवस्था में भागेदारी निभा रहे हैं, लेकिन बडी़ घटना या बवाल के बाद ही उनकी नींद टूटती है।
ढंडेरा बेहद ही संवेदनशील कस्बा हैं। सैन्य क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, लेकिन मुशर्रफ के बारे में खुफिया विभाग को कोई जानकारी तक नहीं मिल सकी। मीडिया में खबर आने के बाद अधिकारियों की सुस्ती टूटी और खोजबीन शुरू की गई। इसी तरह से कलियर में जम्मू कश्मीर पुलिस के छापे से भी खुफिया विभाग अंजान बना रहा।
कई ऐसे सांप्रदायिक मामले भी सामने आए है कि पहले से उनके बारे में कोई इनपुट नहीं दिया गया और बाद में बवाल हो गया। जबकि पूर्व के वर्षों में रुड़की एवं आसपास के क्षेत्रों में आतंकी घटनाओं में शामिल रहे अपराधी पकड़े जा चुके हैं। नशे का कारोबार रुड़की एवं आसपास में चरम पर है।