यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राज्य सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक तरीके से निकाय चुनाव को पीछे धकेला
हरिद्वार में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक तरीके से निकाय चुनाव को पीछे धकेला है। ...और पढ़ें

हरिद्वार, [जेएनएन]: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक तरीके से निकाय चुनाव को पीछे धकेला है। संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन किया है। लोकतंत्र के अवमूल्यन की परंपरा भाजपा द्वारा शुरू की गई, जो केंद्र से होते हुए प. बंगाल तक पहुंच गई है। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में सर्वाधिक संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन हुआ है। चाहे वह न्यायपालिका हो, चुनाव आयोग या सीएजी। यह चिंतनीय है।
उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह सरकार को निर्देश करें कि आयोग से बातचीत कर निर्धारित समय पर निकाय चुनाव कराएं। कहा कि केंद्र सरकार संविधान का अवमूल्यन कर रही है। संविधान निर्माता बाबासाहेब की भाजपा शासित राज्यों में मूर्तियों को खंडित किया गया है। उन्होंने एससी एसटी एक्ट संशोधन मामले में सरकार पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
कहा, क्या सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दलित उत्पीड़न और मुकदमा में सजा का जो प्रतिशत है उसकी सही स्थिति नहीं रखी। ऐसे मुद्दों पर पीएम का दायित्व था कि सर्वदलीय परामर्श करते और दलित उत्पीड़न छुआछूत के प्रति भारत का जो नेशनल कमिटमेंट है, उसे संसद के पटल पर रखते। कहां इसे लेकर वह 14 अप्रैल बाबा साहब की जयंती पर फेरूपुर में अंबेडकर की प्रतिमा के सामने दो घंटों का मौन उपवास रखेंगे।
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