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फांसी से बचता रहा सुरेंद्र कोली... आखिर फंदे पर ही लटका मिला, हरिद्वार में हुआ अंतिम संस्कार

Published: Sat, 19 Sep 2026 11:49 AM (IST)Updated: Sat, 19 Sep 2026 03:35 PM (IST)

निठारी कांड का मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की इस तरह मौत ने सवाल खड़े कर दिए हैं, शनिवार को हरिद्वार में उसका अंतिम संस्कार हुआ।

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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी होने वाला सुरेंद्र कोली कई बार फांसी की सजा से बाल-बाल बचा, लेकिन उसकी मौत आखिरकार फांसी लगने से ही हुई।

लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि बच्चों के अपहरण, अप्राकृतिक कृत्य और उनका मांस भक्षण जैसे घिनौने आरोप लगने पर भी खुदकुशी नहीं करने वाले कोली के सामने ऐसी कौन सी मजबूरी रही कि उसने फांसी लगा ली।

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निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली के शव का पोस्टमार्टम शनिवार को डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में वीडियोग्राफी के बीच कराया गया। 

निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली के आत्महत्या की थ्योरी उसके स्वजनों के गले नहीं उतर रही है। हालांकि, कोहली के भाई इस बारे में खुलकर कुछ बोलने से बच रहे हैं। लेकिन तभी जुबान से जांच की मांग भी कर रहे हैं। जिला अस्पताल में दो डॉक्टरों के एक पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया है। खड़खड़ी श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार हुआ।

हरिद्वार जिला अस्पताल में सुरेंद्र कोली के स्वजन मीडियाकर्मियों से बचते नजर आए। कोली के तीन भाई हरीश कोली, चंदन और आनंद दिल्ली से सुरेंद्र कोली के बेटे शिवम को लेकर हरिद्वार पहुंचे। सुबह उन्होंने अपने नाम पते भी साझा करने से भी इनकार कर दिया। कई घंटे बाद वह आत्महत्या को लेकर कुछ बोलने को तैयार हुए।

कोली के भाइयों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद सुरेंद्र इस प्रकार आत्महत्या नहीं कर सकता है। उन्होंने पुलिस को कोई लिखित तहरीर तो अभी तक नहीं दी, लेकिन जांच की जरूरत से इनकार नहीं किया। जिला अस्पताल में वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टर रजत और डॉक्टर अनस के पैनल ने कोली के शव का पोस्टमार्टम किया है। 

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दो दिन से परेशान था कोली

कोली अक्सर अल्मोड़ा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत से फोन पर बात करता था। पिछले दो दिन से वह नारायण रावत को लगातार कॉल कर रहा था। लेकिन नारायण किसी कारण उसका फोन नहीं उठा पाए। माना जा रहा है कि कोली दो दिन से मानसिक रूप से ज्यादा परेशान था। सवाल उठ रहा है कि ऐसी कौन सी बात थी, जो दो दिन से नारायण रावत से साझा करना चाहता था। उस बात का ताल्लुक उसकी आत्महत्या से हो सकता है।

वहीं, अल्मोड़ा से हरिद्वार पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने सुरेंद्र कोली की मौत को आत्महत्या मानने की कहानी पर संशय जताया। रावत ने कहा कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर किसी साजिश की आशंका भी जताई है। तहरीर देने की तैयारी भी की जा रही है।