Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड में 150 फार्मासिस्टों की नियुक्ति का रास्ता साफ

    By BhanuEdited By:
    Updated: Sat, 08 Oct 2016 02:00 AM (IST)

    पशुपालन विभाग में डेढ़ सौ फार्मासिस्टों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। हाई कोर्ट ने एक अभ्यर्थी व सरकार की विशेष अपील स्वीकार करते हुए एकल पीठ क ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नैनीताल, [जेएनएन]: पशुपालन विभाग में डेढ़ सौ फार्मासिस्टों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। हाई कोर्ट ने एक अभ्यर्थी के साथ ही सरकार की विशेष अपील स्वीकार करते हुए दो साल पहले दिए एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है। एकल पीठ ने मेरिट के आधार पर नियुक्ति करने तथा वैटनरी डिप्लोमा होल्डर को भी इसमें शामिल करने के आदेश दिए थे।
    अभ्यर्थी कमल किशोर जोशी व अन्य की ओर से विशेष अपील दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि फार्मासिस्ट नियमावली के अनुसार डिप्लोमा होल्डर ज्येष्ठता के आधार पर वैटनरी फार्मासिस्ट के पद पर नियुक्ति के अधिकारी हैं। जिसके पास डिप्लोमा नहीं है और डिग्री है, वह नियुक्ति के पात्र नहीं हैं।

    पढ़ें:-पूर्व मुख्यमंत्रियों ने हाई कोर्ट को बताया कि वे सरकारी बंगला खाली करने को हैं तैयार
    मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने एकल पीठ के मेरिट के आधार पर व वैटनरी डिप्लोमा होल्डरों को शामिल करने का विरोध करते हुए कहा कि राज्य में वैटनरी काउंसिल का गठन नहीं है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने स्पेशल अपील को स्वीकार करते हुए एकल पीठ का आदेश निरस्त कर दिया। कोर्ट के इस फैसले से पशुपालन विभाग में डेढ़ सौ फार्मासिस्टों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
    पढ़ें- बंदरों के आतंक पर हाई कोर्ट सख्त, राज्य और केंद्र सरकार से मांगा जवाब

    पढ़ें:-स्टिंग प्रकरणः अब हाई कोर्ट में अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद