दुर्गम क्षेत्रों में ड्यूटी देने का बांड भरने वाले 49 डॉक्टर 'लापता', हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज भेजेगा लीगल नोटिस
राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से पढ़ाई कर दुर्गम क्षेत्रों में ड्यूटी का बांड भरने वाले 49 डॉक्टर 'लापता' हो गए हैं। ...और पढ़ें


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से कम फीस में पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को सरकारी अस्पतालों में काम करने का बांड भरना होता है।
इसमें उन्हें पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पतालों में ड्यूटी देनी होती है, लेकिन पास आउट हुए 69 डॉक्टरों ने बांड पूरा नहीं किया, जिस पर कॉलेज प्रबंधन ने इनकी आरसी काटी है, जिसमें चार डॉक्टर अपने पते में नहीं मिले और 45 डॉक्टरों का कोई जवाब नहीं आया है। इनके खिलाफ कॉलेज अब लीगल नोटिस जारी करने वाला है।
राज्य के सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी देने की जगह 69 बांडधारी डॉक्टर गायब चल रहे हैं, जिसमें 41 एमबीबीएस और 28 विशेषज्ञ या पीजी की पढ़ाई कर चुके हैं। इन डॉक्टरों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से सस्ते दरों पर पढ़ाई पूरी की, जिसके एवज में उनसे बांड भराया जाता है।
बांड के अनुसार डॉक्टरों को तीन से पांच साल के लिए सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी देनी होती है। वहीं सेवा न देने पर निर्धारित बांड राशि जमा करनी होती है, लेकिन पहाड़ों की ड्यूटी से बचने के लिए अपना बांड पूरी नहीं की। इससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के साथ नियमों का उल्लंघन हुआ है।
एक माह पहले जारी हुए वसूली प्रमाण पत्र
स्वास्थ्य महानिदेशक के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एक माह पूर्व डॉक्टरों को राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी की है। आरसी डीएम के माध्यम से संबंधित क्षेत्र का तहसीलदार वहां निवासी डॉक्टरों को देता है।
इस कार्रवाई के बाद अब तक 20 डॉक्टर, जिनमें एमबीबीएस के सात और पीजी के 13 डॉक्टरों ने बांड की राशि भर दी है। जो करीब साढ़े तीन करोड़ है। वहीं एक डॉक्टर ने बांड की ड्यूटी पूरी की है।जबकि 49 डॉक्टरों ने न ही बांड की राशि चुकाई है और न ही कोई जवाब दिया है।
अपने स्थाई पते पर नहीं मिले चार डॉक्टर
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जिन 69 डॉक्टरों के खिलाफ आरसी जारी की, उनमें 45 डॉक्टरों की ओर से कोई जवाब नहीं आया है, जबकि चार डॉक्टरों के दर्ज स्थाई पते पर वह नहीं मिले, जिससे उनके पत्र तहसीलदार के जरिए कॉलेज को वापिस मिले हैं।
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इसमें पिथौरागढ़ की डा. नमिता वासीकोटी, बिलासपुर (हिमांचल प्रदेश) की डा. अनीका कुमारी और देहरादून से डा. सबरीन नाज, डा. तेंजेन पेल्डेन शामिल है। यह सभी एमबीबीएस पासआउट हैं।
आरसी भेजने के निर्देश महानिदेशक स्वास्थ्य के आदेश पर भेजे जाते हैं। डीएम के माध्यम से भेजे गए हैं। डीजी हैल्थ के दोबारा निर्देश पर आरसी वसूली न करने वाले डॉक्टरों को नोटिस भेजा जाएगा।
-डा. जीएस तितियाल, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी