यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कोरोना वायरस को लेकर भारत-नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट जारी, कैंप लगाकर हो रही जांच nainital news
चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बॉर्डर पर अलर्ट जारी कर दिया है। नेपाल के रास्ते वायरस भारत पहुंचने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।

बनबसा, जेएनएन : चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बॉर्डर पर अलर्ट जारी कर दिया है। नेपाल के रास्ते वायरस भारत पहुंचने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने टनकपुर व बनबसा इंडो-नेपाल बॉर्डर कैंप लगाकर लोगों की जांच करनी शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। इसमें पुलिस व एसएसबी की टीम भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को सहयोग कर रही है।
चीन से आ रहे लोगों के विशेष जांच के निर्देश
चीन कोरोना वायरस की चपेट में है। यह वायरस नेपाल के रास्ते भारत में न आए, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नेपाल से आने वाले प्रत्येक नागरिक या फिर चीन में रहकर आए लोगों की विशेष तौर पर जांच करने के लिए बनबसा व टनकपुर बैराज पर कैंप लगा दिया है। कैंप में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. उमर और फार्मासिस्ट प्रकाश भट्ट जांच कर रहे हैं।
कोरोना वायरस के लक्षण
डॉ. उमर ने बताया कि कोरोना वायरस के लक्षण सिर दर्द, नाक बहना, खांशी, गले में खरास, बुखार, अस्वस्थता और फेंफड़ों में सूजन आदि हैं। इसी बात की जानकारी नेपाल से भारत आ रहे लोगों से ली जा रही है। साथ ही उन्हें बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। बताया कि यह नए किस्म का वायरस है। यह जीवों की एक प्रजाति से दूसरे प्रजाति में जाते हैं और फिर इंसानों को संक्रमित कर देते हैं।
सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाएं गए
इससे पहले इंसान के फेंफड़े प्रभावित होते हैं। कहा कि कोरोना वायरस को लेकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि इस वायरस से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। टीम को भी अलर्ट रखा गया है। फिलहाल अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।

