बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला: सुप्रीम कोर्ट में फिर टली सुनवाई, लोगों में बेचैनी; 10 साल से चल रहा मामला
हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी, जिससे फैसले का इंतजार कर रहे लोगों में बेचैनी रही। यह ...और पढ़ें

HighLights
बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुनवाई टली।
सुप्रीम कोर्ट में 120 नंबर पर था मामला।
हल्द्वानी में आरपीएफ अधिकारी निगरानी के लिए पहुंचे थे।
फैसले के इंतजार में बेचैन रहे लोग, सुप्रीम कोर्ट में नहीं हुई सुनवाई
फोटो
- सुनवाई से पहले हल्द्वानी पहुंचे आरपीएफ के उच्चाधिकारी
- रेलवे की 31 हेक्टेयर भूमि पर चल रहा अतिक्रमण का केस
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई नहीं हो पाई। हालांकि सुनवाई होने के चलते हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर इज्जनगर से आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त मोहम्मद असलम भी पहुंचे। स्टेशन पर निगरानी बनाए रखने के लिए गस्त की गई। फैसले के इंतजार में बनभूलपुरा वासियों में बेचैनी रही, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई ही नहीं हो पाई।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से सटे बनभूलपुरा क्षेत्र की 31 हेक्टेयर पर अतिक्रमण का मामला करीब 10 साल से हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इस भूमि पर रेलवे ने अपना दावा किया है। जिसमें 4365 घर बसे है, जहां करीब 50 हजार की आबादी निवास करती है। यहां करीब चार मदरसे, 20 मस्जिदें व पांच मंदिर के साथ पांच सरकारी स्कूल व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार फैसला उनके पक्ष में आता है, तो हल्द्वानी रेलवे स्टेशन का विस्तार होगा। बनभूलपुरा वासियों की ओर से याचीकाकर्ता मतीन सिद्दकी ने बताया कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की तारीख थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई। बताया कि कोर्ट ने गुरुवार को मामले में सुनवाई की तिथि दी, मगर 120 नंबर पर होने से मामले में सुनवाई नहीं हो पाई है।
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- सुनवाई से पहले हल्द्वानी पहुंचे आरपीएफ के उच्चाधिकारी
- रेलवे की 31 हेक्टेयर भूमि पर चल रहा अतिक्रमण का केस
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई नहीं हो पाई। हालांकि सुनवाई होने के चलते हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर इज्जनगर से आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त मोहम्मद असलम भी पहुंचे। स्टेशन पर निगरानी बनाए रखने के लिए गस्त की गई। फैसले के इंतजार में बनभूलपुरा वासियों में बेचैनी रही, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई ही नहीं हो पाई।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से सटे बनभूलपुरा क्षेत्र की 31 हेक्टेयर पर अतिक्रमण का मामला करीब 10 साल से हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इस भूमि पर रेलवे ने अपना दावा किया है। जिसमें 4365 घर बसे है, जहां करीब 50 हजार की आबादी निवास करती है। यहां करीब चार मदरसे, 20 मस्जिदें व पांच मंदिर के साथ पांच सरकारी स्कूल व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार फैसला उनके पक्ष में आता है, तो हल्द्वानी रेलवे स्टेशन का विस्तार होगा। बनभूलपुरा वासियों की ओर से याचीकाकर्ता मतीन सिद्दकी ने बताया कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की तारीख थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई। बताया कि कोर्ट ने गुरुवार को मामले में सुनवाई की तिथि दी, मगर 120 नंबर पर होने से मामले में सुनवाई नहीं हो पाई है।