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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सीबीएसई ने पाठ्यक्रम में किए कई बदलाव, दसवीं में दो तरह की गणित पढऩे का विकल्प

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Tue, 02 Apr 2019 10:53 AM (IST)

    सीबीएसई की दसवीं कक्षा में अब छात्रों को दो तरह की गणित बेसिक व स्टैंडर्ड का विकल्प मिलेगा। सीबीएसई ने शैक्षिक सत्र 2019-2020 के लिए पाठ्यक्रम में कई ...और पढ़ें

    सीबीएसई ने पाठ्यक्रम में किए कई बदलाव, दसवीं में दो तरह की गणित पढऩे का विकल्प
    सीबीएसई ने पाठ्यक्रम में किए कई बदलाव, दसवीं में दो तरह की गणित पढऩे का विकल्प

    हल्द्वानी, जेएनएन : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी सीबीएसई की दसवीं कक्षा में अब छात्रों को दो तरह की गणित बेसिक व स्टैंडर्ड का विकल्प मिलेगा। सीबीएसई ने शैक्षिक सत्र 2019-2020 के लिए पाठ्यक्रम में कई बदलाव किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा में नए सत्र से खेलकूद के साथ योग जोड़ा गया है। नौवीं के स्टूडेंट्स वैकल्पिक विषय के तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस चुन सकते हैं। छात्रों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा को विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। जिसकी कक्षाएं व्यक्तिगत अनुभव व प्रयोग पर आधारित होंगी।

    कृषि, एआइ, खाद्य जैसे विषय पढ़ सकेंगे

    सीबीएसई का नया करिकुलम बच्चों को नया सिखाने पर केंद्रित है। बच्चे रटने की बजाय हर विषय में कुछ नया सीखें व उसे जीवन में उतार सकें, इसके लिए स्किल आधारित एआइ, कृषि, खाद्य, वस्त्र निर्माण जैसे व्यावसायिक विषय जोड़े गए हैं। शिक्षकों को कमजोर व पढ़ाई में बेहतर बच्चे को बराबर सिखाने की पाठन तकनीक पर काम करना होगा।

    कक्षा 9 में पढ़ सकेंगे वैकल्पिक विषय

    सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के 9वीं कक्षा के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को 6वें वैकल्पिक विषय के रूप में पढऩे की सुविधा मिलेगी। बोर्ड के फैसले से नई पीढ़ी को और अधिक संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से यह विषय लिया गया है।

    आंतरिक मूल्यांकन के अंक हुए कम

    सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक इंटरमीडिएट में गणित न लेने के इच्छुक स्टूडेंट्स दसवीं में बेसिक मैथ्स पढ़ सकते हैं। वहीं, गणित चुनने के इच्छुक स्टूडेंट्स स्टैंडर्ड मैथ्स से परीक्षा देंगे। आंतरिक मूल्यांकन के अंक घटाकर 15 कर दिए गए हैं। मुख्य परीक्षा में इसका वेटेज भी पांच अंकों का रहेगा, जो पहले 15 अंकों का था।

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    बच्चों के विकास में रहेगा मददगार

    सिंथिया स्कूल के प्रधानाचार्य प्रवींद्र रौतेला का कहना है कि नए पाठ्यक्रम में बच्चों के संपूर्ण विकास की बात कही गई है। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा में योग नए विषय के रूप में पढऩा होगा।

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