Chaitra Navratri 2026: 19 अप्रैल से शुरू हो रहे नवरात्र, उत्तराखंड में ये रहेगा घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्र गुरुवार से शुरू हो रहे हैं, जिसमें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:55 बजे से दोपहर 1 बजे तक है। हल्द्वानी में नवरात्र को लेकर मंदिरों मे ...और पढ़ें

कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में नवरात्र की अलग ही धूम देखने को मिलती है।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। माता दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र में घट स्थापना का बड़ा महत्व है। ऐसे में ज्योतिषियों के मुताबिक, घट स्थापना सुबह 6.55 बजे से दोपहर एक बजे तक कर सकते हैं।
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में नवरात्र की अलग ही धूम देखने को मिलती है। यहां के मंदिरों में मां की पूजा अर्चना के लिए नवरात्र के दौरान काफी भीड़ उमड़ती है।
मां शीतला देवी मंदिर, मां सूर्या देवी मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, कालू सिद्ध बाबा मंदिर, बेल बाबा मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्त दर्शनार्थ पहुंचते हैं। इसके साथ ही वे नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना करते हैं और व्रत भी रखते हैं।
नव विक्रम संवत २०८३ में रौद्र नामक संवत्सर
ज्योतिषाचार्य नवीन जोशी ने बताया कि नव विक्रम संवत २०८३ में रौद्र नामक संवत्सर है। रौद्र नामक संवत्सर में अनेक प्रकार की दैवी आपदाएं, भय, हिंसा, अशांति के योग रहते हैं। इस वर्ष के राजा देव गुरु बृहस्पति व मंत्री मंगल हैं।
देव गुरु बृहस्पति के राजा बनने पर धार्मिक कार्यों में वृद्धि होगी। मंगल के मंत्री होने से रोग व्याधियां बढ़ेंगी। विश्व में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। भारत की दृष्टि से देखा जाए तो उत्तरार्द्ध में राजनीतिक क्षेत्र अप्रत्याशित बदलाव के योग बन रहे हैं। आर्थिक दृष्टि से भारत मजबूत होगा। रोजगार के संसाधनों में वृद्धि होगी।