नवरात्र व्रत में नहीं होगी थकान और एसिडिटी, 9 दिन फुल एनर्जी के लिए गांठ बांध लें ये 5 नियम
नवरात्र के व्रत दौरान सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी होता है, ताकि उपवास के कारण सेहत को नुकसान न हो। ...और पढ़ें

नवरात्र में रखें अपनी डाइट का खास ध्यान (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नवरात्र का समय न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का है, बल्कि यह शरीर को डिटॉक्स करने का भी एक शानदार अवसर होता है। हालांकि, कई बार खान-पान में लापरवाही व्रत के दौरान कमजोरी, एसिडिटी या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
इसलिए अगर आप इस नवरात्र उपवास रख रहे हैं, तो सेहतमंद रहने के लिए इन 5 नियमों का पालन जरूर करें।
हाइड्रेशन है सबसे जरूरी
व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी होना सबसे आम समस्या है। अक्सर लोग प्यास लगने पर ही पानी पीते हैं, लेकिन उपवास में शरीर को ज्यादा हाइड्रेशन की जरूरत होती है। इसलिए खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए सिर्फ पानी नहीं, नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों का जूस लें। साथ ही, चाय और कॉफी ज्यादा मात्रा में न पिएं, क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है और खाली पेट एसिडिटी बढ़ा सकता है।
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कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और फाइबर चुनें
व्रत के दौरान एनर्जेटिक रहने के लिए साबूदाना या कुट्टू के आटे का इस्तेमाल करें। कुट्टू का आटा और राजगीरा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं। ये आपको लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं। वहीं साबूदाना सिर्फ स्टार्च से भरपूर होता है। इसे ज्यादा खाने से सुस्ती और वजन बढ़ सकता है। इसलिए इसे हमेशा सब्जियों के साथ मिलाकर पकाएं। मखाना भी व्रक के दौरान एक सुपरफूड साबित हो सकता है है। इसे तलने के बजाय सूखा भूनकर खाएं।
तले हुए की जगह भुना हुआ खाना खाएं
नवरात्र में अक्सर लोग व्रत के चिप्स, पूरी और तले हुए आलू ज्यादा खाते हैं। ज्यादा तेल और घी वाला खाना पाचन को धीमा कर देता है और शरीर में भारीपन लाता है। इसलिए आलू को डीप फ्राई करने के बजाय उबालकर खाएं। कुट्टू की पूरी की जगह उसकी रोटी या चीला बनाएं। साथ ही, मिठाइयों और चीनी वाली लस्सी के बजाय दही या फलों का रायता डाइट में शामिल करें।
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छोटे-छोटे इंटरवेल पर खाएं
दिन भर भूखा रहकर रात को एक साथ हैवी खाना खाना सेहत के लिए सबसे हानिकारक है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और पेट फूलने की समस्या होती है। इसलिए हर 3-4 घंटे में कुछ हल्का, जैसे- फल या सूखे मेवे खाते रहें। साथ ही, रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खा लें।
पूरी नींद और हल्की एक्सरसाइज
उपवास का मतलब यह नहीं है कि आप शारीरिक गतिविधियां बिल्कुल बंद कर दें। डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज और हल्का योग एनर्जी लेवल बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही, शरीर को रिकवर होने के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूर दें।
अगर आपको डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी कोई बीमारी है, तो उपवास शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें, ताकि व्रत के दौरान भी आपका बीपी और शुगर लेवल संतुलित रहें।
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