यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
श्रमिकों की झोपड़ियों में लगी आग, जिंदा जला मासूम
रामपुर रोड पर शीशमबाग जंगल से सटी जमीन पर बनी श्रमिकों की झोपड़ियों में आग लगने से एक मासूम की जिंदा जलने से मौत हो गई।

हल्द्वानी, [जेएनएन]: रामपुर रोड पर शीशमबाग जंगल से सटी जमीन पर बनी श्रमिकों की झोपड़ियों में आग लगने से एक मासूम की जिंदा जलने से मौत हो गई। वहीं सात बच्चे और महिला बाल-बाल बच गए। अग्निकांड के समय श्रमिक गोला नदी में मजदूरी करने गए थे।
विंध्यवासिनी स्टोन क्रशर की जंगल से सटी जमीन पर गोला नदी में खनन आदि का काम करने वाले श्रमिकों के 22 परिवार लकड़ी व घास की झोपड़ी बनाकर रहते हैं। सुबह सभी श्रमिक गोला नदी में मजदूरी को गए थे।
झोपड़ियों में बच्चों की देखरेख के लिए संगीता पत्नी अशोक और आठ बच्चे थे। करीब 11 बजे बच्चे झोपड़ियों में सो रहे थे और संगीता समीप स्थित नलकूप में कपड़े धोने गई थी।
अचानक इन झोपड़ियों में आग लग गई। तेज हवा चलने से चंद पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। इस दौरान कुछ बच्चों को संगीता आग से निकालकर लाई, लेकिन श्रमिक लक्ष्मण का सात वर्षीय बेटा चंचल आग की लपटों में घिरकर जिंदा जल गया। आसपास के लोगों के पहुंचने तक करीब सभीस्वाहा हो चुका था। दोपहर करीब 12 बजे दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई।

