यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कॉर्बेट पार्क ने भरी सरकार की झोली, कमाया नौ करोड़ रुपये
कॉर्बेट पार्क ने सरकार को इस बार साढ़े नौ करोड़ रुपये का राजस्व दिया है। यह राजस्व पिछले वर्ष तुलना में 78.32 लाख रुपये अधिक है। ...और पढ़ें

रामनगर(नैनीताल), [जेएनएन]: विख्यात कॉर्बेट नेशनल पार्क पर्यटकों की पंसदीदा जगह बनता जा रहा है। साल दर साल पर्यटकों की तादाद बढ़ रही है। भारतीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ तो वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या भी इस बार दोगुनी जा पहुंची। कॉर्बेट पार्क ने सरकार को इस बार साढ़े नौ करोड़ रुपये का राजस्व दिया है। यह राजस्व पिछले वर्ष तुलना में 78.32 लाख रुपये अधिक है।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कॉर्बेट पार्क के मुख्य पर्यटन जोन ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला, दुर्गादेवी में पर्यटक एक दिवसीय भ्रमण व रात्रि विश्राम के लिए पहुंचते हैं। कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016-17 में कॉर्बेट में 2,96,758 पर्यटक आए थे। जिनसे 9.68 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसमें 2,84,395 भारतीय व 12,363 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। यदि बात करें वर्ष 2015-16 की तो तब 2,83,308 पर्यटकों से 8.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
कॉर्बेट से राजस्व बढ़ना भविष्य के लिए हैं शुभ संकेत
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक सुरेंद्र मेहरा का कहना है कि कॉर्बेट पार्क नैसर्गिंक सौंदर्य से भरपूर है। यही वजह है कि पर्यटक बार-बार यहां आना पसंद करते हैं। इससे पर्यटन की मंशा कामयाब होती दिखती है। कॉर्बेट से राजस्व बढ़ना भविष्य के लिए शुभ संकेत हैं।
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