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    कार्बेट सफारी जिप्सी पंजीकरण: लाटरी सिस्टम से संचालकों में बढ़ी बेचैनी

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 04:37 PM (IST)

    कार्बेट पार्क में पर्यटकों की सफारी के लिए जिप्सियों के सीमित पंजीकरण से संचालक नाराज हैं। लाटरी सिस्टम से हर साल परमिट दिए जाते हैं। डर है। लाटरी प्र ...और पढ़ें

    सफारी के लिए लाटरी से जिप्सी पंजीकरण होगा, जिससे संचालकों की धड़कनें बढ़ है।

    सफारी के लिए लाटरी से जिप्सी पंजीकरण होगा, जिससे संचालकों की धड़कनें बढ़ है।

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    जागरण संवाददाता, रामनगर। कार्बेट पार्क में पर्यटकों को सफारी कराने वाली जिप्सियों का सीमित पंजीकरण किया जा रहा है। जिसे लेकर पंजीकरण से बाहर हो रहे जिप्सी मालिक विभाग के इस निर्णय से नाराज है।

    कार्बेट पार्क के विभिन्न पर्यटन जोन में प्राइवेट जिप्सियां ही पर्यटकों को सफारी कराती हैं। परमिट प्राप्त इन जिप्सियों को कार्बेट अपने यहां हर साल लाटरी सिस्टम से पंजीकरण के लिए चयन करता है।

    पिछले साल लाटरी सिस्टम से 15 जिप्सी बाहर हो गई थी। पंजीकरण नहीं होने के विरोध में जिप्सी चालकों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। उसके बाद कई और नई जिप्सियों ने भी कार्बेट प्रशासन से पंजीकरण की मांग की थी।

    अभी कुल नई 130 जिप्सियों में से ही 93 को लाटरी प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही जा रही है। जिसे लेकर कुछ कुछ जिप्सी चालकों ने इस पर नाराजगी जताते हुए शक जताया है कि उनकी जिप्सी लाटरी प्रक्रिया से बाहर भी हो सकती है।

    कार्बेट की ओर से लाटरी के माध्यम से नई जिप्सियों की चयन प्रक्रिया की कार्रवाई वन विश्राम गृह में एक अप्रैल को होगी। में वर्तमान में 375 जिप्सी वर्तमान में संचालित हैं।

    हालांकि, कार्बेट से लाटरी प्रक्रिया से बाहर हुए जिप्सी संचालक बाहरी पर्यटन जोन सीतावनी, फाटो, हाथीडगर, कालाढूंगी पर्यटन जोन में पर्यटकों को सफारी कराते हैं।