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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जिले के पहले वीर चक्र विजेता कैप्टन माधो सिंह का 101 वर्ष की उम्र में निधन, जानिए

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Thu, 04 Apr 2019 11:01 AM (IST)

    महानगर के हरिपुर नायक कुसुमखेड़ा के रहने वाले सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) माधोसिंह का बुधवार सुबह बरेली के श्रीराममूर्ति में निधन हो गया। वह 101 वर्ष ...और पढ़ें

    जिले के पहले वीर चक्र विजेता कैप्टन माधो सिंह का 101 वर्ष की उम्र में निधन, जानिए
    जिले के पहले वीर चक्र विजेता कैप्टन माधो सिंह का 101 वर्ष की उम्र में निधन, जानिए

    हल्द्वानी, जेएनएन : महानगर के हरिपुर नायक कुसुमखेड़ा के रहने वाले सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) माधोसिंह का बुधवार सुबह बरेली के श्रीराममूर्ति में निधन हो गया। वह 101 वर्ष के थे। कैप्टन के निधन पूर्वसैनिक शोक में डूब गए।

    मूल रूप से बागेश्वर जिले के रहने वाले माधो सिंह हैदराबाद रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। कुछ समय बाद ही वह पैरा कुमाऊं में शामिल हो गए। 1947-48 के भारत-पाक युद्ध में उनकी जब पलटन पुंछ-लेह में तैनात थी,  उस दौरान उन्होंने भारत की जीत में बड़ा योगदान देते हुए वीरता व साहस का परिचय दिया, जिसके लिए उन्हें वीर चक्र से नवाजा गया। माधो सिंह जिले के पहले वीर च्रक विजेता थे। कुछ दिनों पहले ही परिवार में उनका 101वां जन्मदिन मनाया गया था। इसके कुछ दिन बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें बरेली के राममूर्ति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार तड़के उनका निधन हो गया।

    कैप्टन माधो सिंह 1968 में भारतीय सेना से रिटायर्ड होने के बाद हल्द्वानी के हरिपुर नायक में बस गए थे। उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। चारों बेटे हल्द्वानी में ही रहते हैं, जबकि बेटियां दिल्ली में रहती हैं। कर्नल वीरेंद्र सिंह, मेजर बीएस रौतेला, कर्नल एचएस रावत, कैप्टन मोहन सिंह, कैप्टन चंद्र वीर सिंह, कैप्टन नारायण सिंह, कैप्टन प्रताप सिंह आदि पूर्व सैनिकों ने रानीबाग के चित्रशिला घाट पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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