Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वन क्षेत्र के 17 खनन पट्टों की दोबारा होगी नीलामी, नहीं मिल रहे न्यूनतम तीन आवेदक

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Sat, 06 Apr 2019 04:29 PM (IST)

    वन एरिया में पडऩे वाले 17 खनन पट्टों की नीलामी खान विभाग चुनाव निपटने के बाद दोबारा कराएगा। सात माह पूर्व इन पट्टों को लेकर ऑनलाइन बोली लगवाई गई थी। ...और पढ़ें

    वन क्षेत्र के 17 खनन पट्टों की दोबारा होगी नीलामी, नहीं मिल रहे न्यूनतम तीन आवेदक
    वन क्षेत्र के 17 खनन पट्टों की दोबारा होगी नीलामी, नहीं मिल रहे न्यूनतम तीन आवेदक

    हल्द्वानी, जेएनएन : वन एरिया में पडऩे वाले 17 खनन पट्टों की नीलामी खान विभाग चुनाव निपटने के बाद दोबारा कराएगा। सात माह पूर्व इन पट्टों को लेकर ऑनलाइन बोली लगवाई गई थी, लेकिन नियम के मुताबिक खनन कारोबारियों ने आवेदन नहीं किया। एक पट्टे पर कम से कम तीन लोगों की दावेदारी होने पर ही प्रक्रिया को वैध माना जाता है।

    नवंबर 2017 में खान विभाग, वन विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीम ने जिले की कई नदियों का सर्वे कर उपखनिज निकासी की संभावनाएं तलाशीं, जिसके बाद फॉरेस्ट लैंड पर 17 पट्टे चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई। गौलापार में सूखी नदी के अलावा निहाल, भाखड़ा, बैर, घुरना आदि जगहों पर ये पट्टे चिह्नित किए गए थे। पिछले साल अक्टूबर में खान विभाग ने ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत इनकी बोली लगवाई, लेकिन नियम के मुताबिक आवेदक नहीं मिले। इसके बाद से मामला अटका हुआ है। कारोबारियों द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाने की बड़ी वजह वनभूमि थी। क्योंकि फॉरेस्ट लैंड पर स्थित पट्टे से निकासी को लेकर तमाम शर्तों को पूरा करना पड़ता है। तमाम दिक्कतों के चलते आवदेक कम ही पहुंचे। लिहाजा खान विभाग चुनाव निपटने के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि राजस्व जमा हो सके।

    42 लाख घनमीटर निकलता माल

    खान विभाग के मुताबिक पट्टों का आंकलन करने पर करीब 42 लाख घनमीटर निकासी का लक्ष्य रखा गया था। पिछले सत्र में गौला के 11 निकासी गेटों का संचालन करने पर भी इतना उपखनिज निकाला गया था। इन पट्टों से साठ करोड़ का राजस्व मिलता है।