Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हल्द्वानी, बेतालघाट व कोटाबाग ब्लॉक में खोले जाएंगे ग्रोथ सेंटर, जानिए क्‍या होगा फायदा

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Fri, 07 Dec 2018 12:23 PM (IST)

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजनांतर्गत जनपद में तीन ग्रोथ सेंटर खोले जाएंगे। यह जानकारी मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार ने दी। ...और पढ़ें

    हल्द्वानी, बेतालघाट व कोटाबाग ब्लॉक में खोले जाएंगे ग्रोथ सेंटर, जानिए क्‍या होगा फायदा
    हल्द्वानी, बेतालघाट व कोटाबाग ब्लॉक में खोले जाएंगे ग्रोथ सेंटर, जानिए क्‍या होगा फायदा

    भीमताल, जेएनएन : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजनांतर्गत जनपद में तीन ग्रोथ सेंटर खोले जाएंगे। यह जानकारी मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि शासन के द्वारा नैनीताल जनपद से प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसमें से बेतालघाट, हल्द्वानी, और कोटाबाग ब्लॉक से प्रस्ताव प्राप्त हुए है।

    प्रस्ताव के तहत विकासखंड बेतालघाट में गरमपानी स्थित शिल्प इंपोरियम, हल्द्वानी में सरस मार्केट, और कोटाबाग के तहत कालाढूंगी में ग्रोथ सेंटर खोला जाएगा। ग्रोथ सेंटर के तहत फसल सब्जियों मसालों एवं फलों आदि का मौसमवार आंकड़े तैयार किए जाएंगे। साथ ही साथ ये सेंटर एक प्रकार के संग्रह केंद्र होंगे। जहां मौसमी फसल, सब्जी, फल आदि को रखा जाएगा। यहां फूड प्रोसेसिंग करके मार्केट में बेचा जाएगा। इन का संचालन एनआरएलएम के तहत गठित ग्राम संगठन एवं कलस्टर लेवल फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। संबधित ग्राम संगठन के द्वारा कलस्टर लेबल फाउंडेशन का प्लान तैयार किया जा रहा है। संबधित क्षेत्र की फसल साग सब्जी को समूहों के द्वारा ग्रोथ सेंटर में एकत्र किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने योजना से संबधित सभी आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

    एनआरएलएम क्या है?

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू गरीबी उन्मूलन परियोजना है। यह योजना ग्रामीण गरीबों के स्वरोजगार और संगठन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम के पीछे गरीबों को एसएचजी समूहों में व्यवस्थित करना और उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाना है।

    स्‍थानीय उत्‍पादों को मिलेगा प्रोत्‍साहन

    विनीत कुमार मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि योजना को इस तरह से समझा जा सकता है कि जैसे किसी क्षेत्र में आम की अच्छी फसल होती है तो आम की चटनी, आचार आदि का उत्पादन किया जाएगा और बिक्री के लिए सेंटरों पर रखे जाएंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा और समूहों को रोजगार मिलेगा।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें : मुखानी चौराहे का आठ सौ मीटर दायरा अब जीरो जोन, न लगेंगी दुकानें, न चलेंगे वाहन