हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में असंवेदनशीलता, स्टाफ ने कहा- 'खुद निकलवा लो दांत या निजी अस्पताल जाओ'
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में दांत निकलवाने गए 70 वर्षीय बुजुर्ग के साथ असंवेदनशील व्यवहार का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। मेडिकल कालेज में दांत निकलवाने गए बुजुर्ग के साथ असंवेदनशील व्यवहार करने का मामला सामने आया है। 70 वर्षीय बुजुर्ग ने दावा किया कि ट्रेनी स्टाफ ने कहा कि यहां दांत नहीं निकलेगा। या तो खुद निकाल लो या निजी अस्पताल जाओ।
रामपुर रोड से सटे जीतपुर नेगी गांव निवासी आलोक शर्मा शुक्रवार को दांत में दर्द के कारण उसे ठीक करवाने के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। यहां वह पार्किंग फीस और पर्चा कटवाकर सीढ़ी चढ़कर ऊपरी मंजिल में पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि डेंटल डिपार्टमेंट मेडिकल कालेज में स्थानांतरित कर दिया गया है।
ट्रेनी स्टाफ पर लगे आरोप
इसके बाद वह मेडिकल कालेज गए, जहां उन्हें डाक्टर नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि ट्रेनी स्टाफ ने कहा कि अभी विभाग पूरी तरह स्थानांतरित नहीं हुआ है इसलिए या तो वह खुद अपना दांत निकाल लें या किसी निजी अस्पताल में जाएं।
इसके बाद उन्होंने पर्चे में दवा लिख दी। थक हारकर बुजुर्ग को घर लौटना पड़ा। परेशान बुजुर्ग ने कहा कि कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ चुकी हैं।
डेंटल डिपार्टमेंट के स्थानांतरण का कार्य चल रहा है। सोमवार से सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। बुजुर्ग दोबारा आ सकते हैं, उनका पूरा इलाज किया जाएगा। - अरुण जोशी, चिकित्सा अधीक्षक
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