हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खरगे की रैली के बाद शुद्धीकरण, कांग्रेस ने कहा- ये दलितों का अपमान
हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण किया गया, जिस पर कांग्रेस ने इसे दलितों का अपमान बताया।

HighLights
खरगे रैली के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण हुआ।
कांग्रेस ने इसे दलित समुदाय का अपमान बताया।
श्रीराम सेना ने मुस्लिम धर्म के नारों का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद श्री राम सेना धर्मार्थ न्यास ने शहर के रामलीला मैदान का शुद्धीकरण कराकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। रैली के दिन एसएसपी को अपशब्द कहे जाने के बाद से बैकफुट पर जाती कांग्रेस अब इस मुद्दे पर भाजपा को घेर रही है।
पार्टी का कहना है कि रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य शामिल थे जो दलित वर्ग से आते हैं। शुद्धीकरण हवन कार्यक्रम से साफ हो गया कि भाजपा की मानसिकता दलित विरोधी है। वहीं हवन कराने वाले संगठन का तर्क है कि रैली के दौरान मंच से मुस्लिम धर्म के समर्थन में नारे लगाए गए थे। इस वजह से वहां शुद्धीकरण हवन कराया गया।
आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे रामलीला मैदान में आयोजित विजय शंखनाद रैली में पहुंचे थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया। रैली में आ रहे कार्यकर्ताओं के वाहनों को जगह-जगह चेकिंग के नाम पर पुलिस की ओर से रोकने पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एसएसपी दफ्तर धमक गए थे। यद्यपि एसएसपी मंजुनाथ टीसी तब कार्यालय में नहीं थे।
वीडियो हुआ वायरल
इसी दौरान एसएसपी के लिए अपशब्द कहे जाने का वीडियो भी प्रसारित हो गया। दूसरी तरफ रैली के बाद भाजपा ने एक प्रसारित वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि खरगे की रैली के दौरान मुस्लिम धर्म के समर्थन में नारे लगाए थे। वीडियो के आधार बनाते हुए 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के संगठन ने रामलीला मैदान पहुंच हवन करने के साथ गंगाजल भी छिड़क डाला। संगठन का आरोप था कि रामलीला मैदान सनातन से जुड़े कार्यक्रमों का स्थल है।
इसकी पवित्रता को खंडित किया गया है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने वीडियो को झूठा (एआइ से तैयार) बताते हुए मंगलवार को पुलिस बहुद्देश्यीय भवन में धरना देकर आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी की मांग कर डाली। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपाई मानसिकता के लोग नहीं चाहते है कि देश में सामाजिक सदभाव बना रहे। स्वयं को दलित हितैषी बताने वाली भाजपा की असलियत सामने आ चुकी है।
कांग्रेसियों ने फूंका भाजपा का पुतला
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष इंद्र पाल आर्य के नेतृत्व में बुधवार को कार्यकर्ता बुद्ध पार्क में धरने पर बैठ गए। कांग्रेसियों ने कहा कि खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में शुद्धीकरण हवन करने के साथ ही गंगाजल का छिड़काव भी किया गया। भाजपाइयों का यह कृत्य सामाजिक समानता और भाईचारे के विरुद्ध है। यह केवल खरगे ही नहीं बल्कि पूरे अनुसूचित समाज का अपमान हैं।
राजीव गांधी पंचायती राज प्रकोष्ठ की समन्वयक राधा आर्य ने कहा कि भाजपा ने हमेशा दलित विरोधी मानसिकता को बढ़ावा दिया है। पुतला दहन के साथ ही तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
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प्रदर्शन में विनोद कुमार पिन्नू, ललित जोशी, हरेंद्र बोरा, हरेंद्र क्वीरा, नीरज तिवारी, हेमवती नंदन दुर्गापाल, गोपाल राम, अर्जुन, सुरेश चंद, बहादुर राम आदि शामिल थे।
