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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरीश रावत स्टिंग मामले में हरक सिंह रावत वापस नहीं लेंगे हाई कोर्ट से याचिका ! nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Thu, 09 Jan 2020 08:39 AM (IST)

स्टिंग मामले की जांच सीबीआइ से हटाकर एसआइटी से कराने के तत्कालीन कैबिनेट के फैसले को चुनौती देने वाली कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की याचिका पर हाई कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई की।

हरीश रावत स्टिंग मामले में हरक सिंह रावत वापस नहीं लेंगे हाई कोर्ट से याचिका ! nainital news
हरीश रावत स्टिंग मामले में हरक सिंह रावत वापस नहीं लेंगे हाई कोर्ट से याचिका ! nainital news

नैनीताल, जेएनएन : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत स्टिंग मामले की जांच सीबीआइ से हटाकर एसआइटी से कराने के तत्कालीन कैबिनेट के फैसले को चुनौती देने वाली कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की याचिका पर हाई कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई की। इसमें अगली तिथि दो मार्च निर्धारित की गई। फिलहाल कैबिनेट मंत्री की ओर से याचिका वापस लेने के लिए अब तक कोई प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल नहीं किया गया है। ऐसे में तय हो गया है कि हरक अपने रुख पर कायम हैं।   

2016 में कांग्रेस विधायकों ने सरकार से बगावत की तो एक न्यूज चैनल संचालक ने विधायकों की खरीद-फरोख्त का कथित स्टिंग जारी किया। स्टिंग मामले की सीबीआइ जांच की सिफारिश राज्यपाल ने केंद्र सरकार से कर दी। सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस सरकार बहाल हो गई तो वरिष्ठ मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टिंग मामले की जांच सीबीआइ से हटाकर एसआइटी से कराने का फैसला लिया गया। वर्तमान कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की ओर से कैबिनेट के इस फैसले को याचिका दायर कर चुनौती दी गई। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद अगली तिथि दो मार्च तय कर दी। सीबीआइ जांच को चुनौती देती पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की याचिका पर भी सुनवाई दो मार्च को ही होगी।

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