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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    निकाय चुनाव को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, निर्वाचन आयोग के रवैये को माना गलत

    By BhanuEdited By:
    Updated: Wed, 04 Apr 2018 09:21 PM (IST)

    निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं। कोर्ट ने चुनाव को लेकर आयोग के ...और पढ़ें

    निकाय चुनाव को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, निर्वाचन आयोग के रवैये को माना गलत
    निकाय चुनाव को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, निर्वाचन आयोग के रवैये को माना गलत

    नैनीताल, [जेएनएन]: उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग की इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं। कोर्ट ने चुनाव को लेकर आयोग के रवैये को भी सही नहीं माना।

    कल निर्वाचन आयोग ने याचिका दायर कर कहा है कि राज्य के 2013 में गठित निकाय बोर्डों की बैठक चार मई को हुई थी। संविधान के अनुच्छेद 243-य के तहत राज्य में तीन मई तक निकायों का बोर्ड गठन होना जरूरी है। 

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए याचिका में यह भी कहा गया है कि यदि सरकार नियत समय में चुनाव नहीं कराती तो आयोग कोर्ट जा सकता है। याचिका में राज्य में जल्द चुनाव कराने की मांग की गई है। साथ ही बताया कि चुनाव को लेकर आयोग द्वारा मुख्य सचिव, शहरी विकास सचिव को आधिकारिक पत्र भेजे गए, मगर अब तक सरकार द्वारा चुनाव कार्यक्रम उपलब्ध नहीं कराया गया। 

    बुधवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने का आदेश पारित करते हुए सुनवाई 11 अप्रैल नियत कर दी।

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