विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में शराबबंदी की मांग का संज्ञान ले सरकार

By Gaurav KalaEdited By:
Published: Tue, 14 Feb 2017 10:59 PM (IST)Updated: Wed, 15 Feb 2017 07:30 AM (IST)

शराबबंदी के हाई कोर्ट के आदेश को अन्य जिलों में भी लागू करने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ...और पढ़ें

उत्तराखंड में शराबबंदी की मांग का संज्ञान ले सरकार
उत्तराखंड में शराबबंदी की मांग का संज्ञान ले सरकार

नैनीताल, [जेएनएन]: राज्य में तीन जिलों में शराबबंदी के हाई कोर्ट के आदेश को अन्य जिलों में भी लागू करने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को इस मांग का संज्ञान लेने का निर्देश दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता से मुख्य सचिव को दोबारा प्रत्यावेदन देने को कहा है।

नशा हटाओ-पलायन रोको समिति के संयोजक व रानीखेत से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रमोद नैनवाल ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के युवा रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। जंगली जानवरों के आतंक से खेती किसानी चौपट हो रही है।

यह भी पढ़ें: गफूर बस्ती हटाने के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई 27 को

कहा, जिस तरह हाई कोर्ट ने चारधाम से संबंधित जिलों चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग में पूर्ण शराबबंदी का आदेश पारित किया, इस आदेश को पूरे राज्य में प्रभावी बनाया जाए।

यह भी पढ़ें: भाजपा विधायक के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को हाई कोर्ट में चुनौती

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की खंडपीठ के समक्ष याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से सभी विषयों पर मुख्य सचिव को दुबारा प्रत्यावेदन देने तथा सरकार से इन विषयों का संज्ञान लेने को कहा है। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद नियत की गई है।

यह भी पढ़ें: शिक्षा बोर्डों के साथ भेदभाव संविधान का उल्लंघन: हाई कोर्ट

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।