यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
न्यायधीश के स्कॉर्ट में लापरवाही बरतने पर एएसआइ सस्पेंड, दारोगा व कांस्टेबल लाइनहाजिर nainital news
न्यायधीश के स्कॉर्ट में लापरवाही बरतने के मामले में एसएसपी ने एक दरोगा और एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। इसके अलावा खटीमा के पेशकार पर विभागीय जांच के बाद सस्पेंड कर दिया है।

रुद्रपुर, जेएनएन : हाई कोर्ट के न्यायाधीश के स्कॉर्ट में लापरवाही बरतने पर एसएसपी बङ्क्षरदरजीत सिंह ने बाजपुर थाने में तैनात एक दारोगा और एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया है। इसके अलावा खटीमा सीओ के पेशकार को विभागीय जांच के बाद संस्पेंड कर तीनों को पुलिस लाइन से अटैच कर दिया गया है।
वीआइपी ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दारोगा और एक सिपाही पर गाज गिरी है। एसएसपी ङ्क्षसह ने बताया कि 19 फरवरी को न्यायाधीश को बाजपुर से होते हुए नैनीताल पहुंचना था। इसके लिए बाजपुर थाने से स्कॉर्ट में उप निरीक्षक मदन मोहन जोशी और चालक दिनेश राणा की ड्यूटी लगाई गई थी। बाजपुर थाने से न्यायाधीश के वाहन को किसी ने भी स्कॉर्ट नहीं किया। जब यह मामला मेरे संज्ञान में आया तो जांच कराकर शनिवार को दोनों पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। बताया कि खटीमा में तैनात सीओ के पेशकार एएसआइ गोपाल राम के खिलाफ शिकायत पर विभागीय जांच बैठाई गई थी। गलत जांच रिपोर्ट देने पर पेशकार को सस्पेंड कर दिया गया है। एसएसपी की कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है।
एक दिन पहले कांस्टेबल हुआ था निलंबित
बुधवार रात पुलिस कर्मी गश्त पर थे। जगह-जगह उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। देर रात कोतवाल कैलाश भट्ट की जोनल चेङ्क्षकग थी। इस दौरान वह कोतवाली क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे। इस दौरान किच्छा रोड पर बगवाड़ा चौकी में तैनात कांस्टेबल सुरेश गिरी नशे में धुत मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल कैलाश भट्ट ने रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को दी। मामला एसएसपी बरिंदरजीत सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को कांस्टेबल सुरेश गिरी को निलंबित कर दिया।
