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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पिता ने दूध बेचकर बिटिया को पढ़ाया और उनकी लाडली कंचन ने नैनीताल किया टॉप

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Fri, 03 May 2019 09:22 AM (IST)

    जिला मुख्यालय से करीब 14 किमी दूर कालाढूंगी रोड से सटे बजून के कुबेर सिंह कनवाल के घर में जश्न है। कुबेर दसवीं नहीं पढ़ पाए जबकि उनकी धर्मपत्नी पुष्पा ...और पढ़ें

    पिता ने दूध बेचकर बिटिया को पढ़ाया और उनकी लाडली कंचन ने नैनीताल किया टॉप
    पिता ने दूध बेचकर बिटिया को पढ़ाया और उनकी लाडली कंचन ने नैनीताल किया टॉप

    नैनीताल, किशोर जोशी : जिला मुख्यालय से करीब 14 किमी दूर कालाढूंगी रोड से सटे बजून के कुबेर सिंह कनवाल के घर में जश्न है। कुबेर दसवीं नहीं पढ़ पाए, जबकि उनकी धर्मपत्नी पुष्पा आठवीं पास हैं, लेकिन उनकी लाडली कंचन ने सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में नैनीताल टॉप करने के साथ ही पूरे देहरादून रीजन में आठवीं रैंक हासिल कर परिवार के सपनों में पंख लगा दिए हैं। अब पिता की एक ही तमन्ना है कि बेटी को वह मुकाम हासिल हो, जो उसकी तमन्ना है, इसके लिए वह सबकुछ न्यौछावर करने को तैयार हैं।

    बजून निवासी कुबेर पिछले दो दशक से नैनीताल में दूध बेचकर गुजरबसर करते हैं। खेतीबाड़ी भी है। बोले दूध बेचकर जो भी कमाई होती है अधिकांश बच्चों की परवरिश में खर्च हो जाती है। बेटी को कुबेर ने नैनीताल में मौसी गंगा देवी के पास भेज दिया। बजून निवासी शिक्षक कमलेश पांडे व खुर्पाताल के प्रधान मनमोहन कनवाल बताते हैं कि कुबेर बच्चों के लिए रोज खूब मेहनत करते हैं, आज कंचन ने पूरे इलाके का नाम रोशन कर उसकी मेहनत को सफल बना दिया, ऐसी संतान सबको मिले। 

    आइएएस बनना चाहती है कंचन कनवाल
    कंचन ने बिना ट्यूशन के परीक्षा में 98.4 प्रतिशत अंक अर्जित कर मिसाल कायम की है। कंचन इतिहास में 100, राजनीतिक विज्ञान में 100, भूगोल में 98, अंग्रेजी में 97, हिंदी में 96 व शारीरिक शिक्षा में 97 अंक अर्जित किए। कंचन के अनुसार उसने हमेशा रात में ही चार से पांच घंटे अध्ययन किया, जबकि दिन में विद्यालय समय के अलावा पढ़ाई नहीं की। दसवीं परीक्षा भी नब्बे फीसद अंक के साथ पास की। राजनीति विज्ञान को प्रिय विषय बताते हुए कहा कि किताबें पढऩा उसका शौक रहा है। क्विज में भाग लेना अच्छा लगता है। पहली से पांचवीं तक कंचन ने रामा मांटेसरी स्कूल नैनीताल में पढ़ाई की, जबकि कक्षा छह से बाल विद्या मंदिर में पढ़ाई की। कंचन के अनुसार उसकी सफलता में माता-पिता, गुरुजनों के साथ ही दादी गंगा देवी, चाचा वन विभाग में कार्यरत पवन चंद्र का अहम योगदान रहा। कंचन का भाई राहुल शहीद सैनिक स्कूल में दसवीं में जबकि बहन पूजा जीजीआइसी खुर्पाताल में सातवीं मेें पढ़ती है। विद्यालय प्रबंधक विनय साह, प्रधानाचार्य अनुपमा साह ने टॉपर कंचन के साथ ही अन्य मेधावी विद्यार्थियों को बधाई दी है। 

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