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    चलते टेंपो से बेटी संग सड़क पर गिरी महिला, मां घायल; मासूम की मौत

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 10:19 AM (IST)

    लालकुआं से बिंदुखत्ता जा रही एक महिला अपनी ढाई महीने की बेटी के साथ चलते टेंपो से गिर गई। इस हादसे में मासूम बच्ची गौरी की मौत हो गई, जबकि मां सुमन बि ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। ढाई महीने की बच्ची संग लालकुआं से बिंदुखत्ता पहुंची महिला संदिग्ध परिस्थितियों में चलते टेंपो से नीचे गिर गई। हादसे में बेटी को गंभीर चोट आने पर नजदीकी निजी अस्पताल में लाया गया। जहां उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई।

    सूचना मिलते ही स्वजन भी तुरंत अस्पताल पहुंच गए। महिला के चलते टेंपो से बच्ची समेत नीचे गिरने से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। फिलहाल घटना को हादसा मान रही काठगोदाम पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी की जांच से स्थिति साफ हो जाएगी।

    पति फौज में कार्यरत

    लालकुआं से जुड़े बिंदुखत्ता स्थित रावतनगर निवासी सुमन बिष्ट की दो बेटियां है। पति विक्रम फौज में कार्यरत है। मंगलवार को सुमन छोटी बेटी गौैरी को साथ लेकर लालकुआं के एक स्वास्थ्य शिविर में जाने की बात कहकर घर से निकली थी। पुलिस के अनुसार लालकुआं पहुंचने के बाद सुमन टेंपो पकड़ बेटी के साथ मंगलपड़ाव पहुंची।

    यहां से 200 रुपये में एक आटो बुक कर बच्ची के साथ काठगोदाम के लिए रवाना हो गई। नैैनीताल रोड पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पास पहुंचने पर अचानक मां-बेटी टेंपो से नीचे गिर गए। हादसे में सुमन को चाेट पहुंची जबकि मासूम गंभीर घायल हो गई। आसपास के लोगों की मदद से दोनों को उसी टेंपो से टेड़ी पुलिया स्थित निजी अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई।

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    थानाध्यक्ष काठगोदाम विमल मिश्रा ने बताया कि सूचना पर बिंदुखत्ता से परिवार के लोग पहुंच गए। वहीं, बेटी को खोने के गम में सुमन बदहवास स्थिति में पहुंच गई।

     

    सुरक्षा संग निगरानी सिस्टम भी गायब

    नियम है कि हर टेंपो चालक को ड्राइवर साइड और पीछे एक तरफ लोहे का डंडा लगाना पड़ता है। ताकि आगे चालक के बगल में कोई यात्री न बैठे और पीछे झटका लगने पर कोई अचानक नीचे न गिर जाए। लेकिन सड़क पर यह नियम गायब हो चुके हैं। चेकिंग का डर नहीं होने के कारण टेंपो चालक भी अक्सर लापरवाही करते हुए दिखते हैं।

    हादसे के पीछे कई सवाल, जिनका जवाब मिलना बाकी

    बिंदुखत्ता स्थित घर से लालकुआं के लिए निकली मां बेटी के साथ काठगोदाम की तरफ कैैसी पहुंची। बुकिंग के कारण टेंपो की पिछली सीट में दोनों के अलावा और कोई नहीं बैठा था। रेलवे स्टेशन के पास सड़क गाड़ियों की संख्या ज्यादा रहती है। ऐसे में टेंपो का रफ्तार में होना भी संभव नहीं लगता। उसके बावजूद मां-बेटी दोनों अचानक टेंपो से गिर जाते हैं।

    घटना किन परिस्थितियों में अब भी इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है। एसओ काठगोदाम विमल मिश्रा का कहना है कि डायल 112 पर हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। जांच के बाद स्थिति साफ हो जाएगी। इसके लिए नजदीकी कैमरों को खंगाला जाएगा।

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