विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कत्यूरी वंशजों ने रातभर लगाई जागर, राजमाता जियारानी का किया आह्वान

Published: Wed, 14 Jan 2026 11:17 AM (IST)

रानीबाग में दो दिवसीय उत्तरायणी कौतिक शुरू हुआ, जहाँ कत्यूरी वंशजों ने अपनी कुलदेवी राजमाता जियारानी के घाघरे के पास ...और पढ़ें

रानीबाग चित्रशिला घाट पहुंचे कत्यूरी वंशज। जागरण

रानीबाग चित्रशिला घाट पहुंचे कत्यूरी वंशज। जागरण 

HighLights

  1. रानीबाग में दो दिवसीय उत्तरायणी कौतिक का शुभारंभ।

  2. कत्यूरी वंशजों ने राजमाता जियारानी के लिए जागर लगाई।

  3. स्थानीय लोगों ने वंशजों के लिए व्यवस्थाएं कीं।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। कुमाऊं और गढ़वाल के विभिन्न हिस्सों से रानीबाग धाम पहुंचे कत्यूरी वंशजों ने मंगलवार रात जागर लगाकर अपनी कुलदेवी राजमाता जियारानी की पूजा की। देव डंगरियों ने जियारानी के घाघरे के पास जागर लगाई। फिर उनकी गुफा के दर्शन किए।

रानीखेत, ज्योलीकोट, रामगढ़, पौड़ी, चौखुटिया, सल्ट समेत अन्य जगहों से बड़ी संख्या में अलग-अलग टोलियों में आए कत्यूरी वंशजों ने सबसे पहले गार्गी नदी में स्नान किया। इसके बाद मसकबीन, ढोल, दमाऊं, नगाड़ा व थाली की धुन के साथ जिया रानी की वीरगाथा गाई।

उन्होंने जय भोले शंकर, जय जिया रानी के उद्घोष लगाए। रातभर जागर लगाने के बाद सुबह वे अपने-अपने स्थानों को लौट गए। रानीखेत से आए राकेश खंतवाल ने बताया कि वह हर साल उत्तरायणी पर जागर लगाने यहां आते हैं।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand News: नंदा देवी पार्क में भीषण आग, वायु सेना की मदद से बुझाने की तैयारी, जांच के आदेश

वहीं कत्यूरी राजमाता जियारानी की पूजा के लिए दूर-दूर से आए लोगों की मदद के लिए रानीबाग के स्थानीय लोग जुटे रहे। गांव के युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने कत्यूरी वंशजों के रहने के लिए हाई स्कूल में कक्षों तथा बिस्तर की व्यवस्था की। रात में उनके लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की। इस दौरान विश्व दीपक तिवारी, नवल किशोर बिष्ट, चंद्र मोहन नौगाई, बृजेश नौगांई, महेश भंडारी, रमा पांडे, सुमन बिष्ट आदि देर रात तक मदद के लिए जुटे रहे ।

सरयू पार वालों ने बनाए घुघुते

सरयू पार वालों ने मंगलवार को घुघुते बनाए। बुधवार को कौतिक के दिन घुघुते बच्चों के गलों में माला की तरह पहनाए जाएंगे। साथ ही वे कौवों को बुलाकर घुघुते खिलाएंगे। वहीं सरयू वार वाले आज घुघुते बनाएंगे। दरअसल सरयू नदी के पार यानी पिथौरागढ़, चंपावत में एक दिन पहले जबकि सरयू वार यानी अल्मोड़ा, रानीखेत, बागेश्वर आदि जगहों में उत्तरायणी के दिन घुघुते बनाए जाते हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।