नैनीताल की ताइक्वांडो स्टार लतिका की मेहनत को मिला सम्मान, मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार
नैनीताल की लतिका भंडारी को ताइक्वांडो में उनके कठिन परिश्रम और समर्पण के लिए तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, नैनीताल। शहर के मल्लीताल व वर्तमान में भीमताल निवासी लतिका भंडारी ने मुश्किल परिस्थितियों में पढ़ाई के दौरान ताइक्वांडो की कोचिंग ली और इस खेल में देश के लिए तमाम मेडल हासिल कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया। लतिका ने मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर मेडल जीते, फिर उत्तराखंड आ गई।
वर्तमान में आयकर विभाग मुंबई में खेल कोटे के तहत कार्यरत लतिका को तीलू रौतेली पुरस्कार मिलने पर स्वजनों सहित खेल प्रेमियों में हर्ष व्याप्त है। लतिका की मां नीमा भंडारी ग्रहणी जबकि पिता महेंद्र सिंह असम राइफल्स से सेवानिवृत्त हैं।
विश्व रैंकिंग के शीर्ष 20 में पहली भारतीय खिलाड़ी
लतिका ने 2007 में नैनीताल से ताइक्वांडो की शुरुआत की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2007 में पहले नेशनल जूनियर मेडल से लेकर 2025 के नेशनल गेम्स में मेडल जीतने व लंबे समय तक निरंतर पदक जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी है।
25 से अधिक साल के खेल करियर में रूढ़ियों को तोड़कर विश्व रैंकिंग के शीर्ष 20 (अंदर-19 में सर्वोच्च रैंक) में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
सक्रिय खिलाड़ी के रूप में देश के लिए पदक जीतते हुए भी 6 वर्षों तक एमपी. एकेडमी व भारतीय खेल प्राधिकरणमें कोचिंग दी। वर्तमान में भारतीय टीम की कोच के रूप में देश की युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन कर रही है।कोच के रूप में मेरा जीवन देश के खेल विकास के लिए समर्पित है।
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उपलब्धि
- वर्ष 2018 में विश्व रैंकिंग अंडर-19 (53 किग्रा) हासिल करने वाली पहली भारतीय ताइक्वांडो खिलाड़ी।
- एशियन और कॉमनवेल्थ दोनों चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय।
- अंतरराष्ट्रीय पदक दस से अधिक।
- साउथ एशियन गेम्स: 2 स्वर्ण (2016, 2019), एक रजत (2010)।
- कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप: एक स्वर्ण, एक रजत (2017)।
- एशियन चैंपियनशिप: 1 कांस्य (2014)।
- प्रेसिडेंट्स कप: रजत पदक (ऐसा करने वाली देश की एकमात्र महिला)।
- ओपन टूर्नामेंट्स: फुजैराह ओपन (स्वर्ण), मलेशिया ओपन (रजत), माउंट एवरेस्ट व फज्र ओपन (कांस्य)
- राष्ट्रीय रिकॉर्ड (18+ टाइटल्स): सीनियर नेशनल और नेशनल गेम्स में लगातार 10+ वर्षों तक भारत की नंबर 1 खिलाड़ी। 38वें नेशनल गेम्स में कांस्य पदक विजेता।
- खेल में उत्कृष्ट योगदान के लिए विक्रम अवार्ड (2012) और स्पोर्ट्स टाइम्स अवार्ड (2013) से सम्मानित।
- फिजिकल एजुकेशन बुक में “लीजेंड कॉर्नर” में नाम दर्ज है।
- शेरोज बुक में भारत की 100 प्रेरणादायक महिलाओं में नाम अंकित है।
- एशियन यूनियन में कमेटी मेम्बर।
- BRICS से ट्रेलब्लेजर अवार्ड 2025।
- कोचिंग: प्रमाणित अंतर्राष्ट्रीय कोच (लेवल I और II) और SAI व एम.पी. एकेडमी में 6 वर्षों का कोचिंग अनुभव।
- 2025-26 जूनियर और अंडर-21 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय टीम की कोच।