Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गन्‍ने के खेत में गुलदार ने तीन शावकों को दिया जन्म, देखने के लिए मौके पर लगी लाेगों की भीड़

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Sun, 14 Apr 2019 10:04 AM (IST)

    अब वन्य जीवों का रुख जंगल से आबादी की ओर होने लगा है। पीरूमदारा क्षेत्र में गुलदार ने तीन शावकों को गन्ने के खेत में जन्म दिया है। ...और पढ़ें

    गन्‍ने के खेत में गुलदार ने तीन शावकों को दिया जन्म, देखने के लिए मौके पर लगी लाेगों की भीड़
    गन्‍ने के खेत में गुलदार ने तीन शावकों को दिया जन्म, देखने के लिए मौके पर लगी लाेगों की भीड़

    रामनगर, जेएनएन : अब वन्य जीवों का रूख जंगल से आबादी की ओर होने लगा है। पीरूमदारा क्षेत्र में गुलदार ने तीन शावकों को गन्ने के खेत में जन्म दिया है। खेत में शावकों के मिलने पर उन्हेें देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लग गया। वन कर्मियों ने खेत के आसपास छानबीन की। लेकिन गुलदार नजर नहीं आया। वन विभाग कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है। गांव में गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर दहशत में है।

    तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत रामनगर रेंज सक्खनपुर में तेजा सिंह के खेत में श्रमिक शुक्रवार शाम को गन्ना काट रहे थे। खेत के भीतर गुलदार के तीन शावक दिख गए। आसपास गुलदार होने की आशंका पर श्रमिक खेत से बाहर की ओर दौड़े। लेकिन काफी देर तक शावकों की मां उनके पास नहीं आई। इसके बाद ग्रामीण खेत में पहुंचने लगे। लोगों ने शावकों को हाथ में पकड़कर उनकी वीडियो बनाई। इसके बाद अंधेरा होने पर शावकों को खेत में ही छोड़ दिया। शनिवार को दिन में फिर गुलदार की आवाजाही देखी गई। सूचना पर रामनगर रेंज से टीम भी मौके पर पहुंची। वन कर्मियों ने आसपास गुलदार की तलाश की। इसके बाद वह ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहने को कहकर वापस आ गए।

    खेतों में ही छोड़ा गया है शावकों को

    संतोष पंत, रेंजर तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर ने बताया कि शावकों को खेत में ही छोड़ा गया है। अगर हम इनको अपने कब्जे में ले लेंगे तो गुलदार हिंसक हो सकती है, आसपास लोगों को खतरा बढ़ सकता है। लिहाजा शावकों की मां उन्हें अपने साथ अन्यत्र ले जाती है तो ठीक है। यदि शावक खेत में रहते हैं तो ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए अगली विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    शावक की नहीं खुली हैं आंख

    खेत में जो शावक मिले हैं, उनकी आंख तक नहीं खुली हैं। लिहाजा उनकी मां भी खेत में ही होगी। ऐसे में बच्चों से बिछडऩे पर वह ङ्क्षहसक भी हो सकती है। लिहाजा उसके शावकों को खेत में ही छोड़ दिया गया है, जिससे कि वह उन्हें अन्य जगह ले जा सके।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें : मेेले में झूला झूल रहे दंपती पर काल ने मारा झपट्टा, दोनों की हुई मौत, जानिए क्या हुआ

    यह भी पढ़ें : टूरिस्‍ट स्‍पॉट : बर्ड वॉचिंग करना हो तो आइए देवभूमि के स्याही देवी