एलयूसीसी घोटाला: हाई कोर्ट का सीबीआई को जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश, 800 करोड़ से अधिक की हुई ठगी
नैनीताल हाई कोर्ट ने 800 करोड़ रुपये के एलयूसीसी चिटफंड घोटाले की जांच रिपोर्ट 18 मार्च तक सीबीआई को पेश करने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें

हाई कोर्ट ने जांच एजेंसी को दिए निर्देश, आज जारी रहेगी सुनवाई
HighLights
हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा
एलयूसीसी चिटफंड घोटाला 800 करोड़ रुपये से अधिक का है
पीड़ितों ने सीबीआई जांच की मांग की, सुनवाई जारी रहेगी
जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने प्रदेश में सबसे बड़ी वित्तीय ठगी में से एक लोनी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थेफ्ट को-आपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाले की जांच को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीबीआइ को अब तक की जांच रिपोर्ट 18 मार्च को पेश करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को मामले में सुनवाई जारी रहेगी।
मंगलवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के संचालकों की ओर से ऋषिकेश सहित अन्य क्षेत्रों के नागरिकों को अपने स्थानीय एजेंटों के माध्यम 800 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाकर फरार होने और इस मामले की सीबीआई से जांच कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई की।
पिछली सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने यह भी कहा था कि जिन लोगों का पैसा लेकर कंपनी फरार हो चुकी है, पीड़ित अपनी शिकायत सीबीआइ को दे सकते हैं जबकि राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। कंपनी व उसके संचालकों के ऊपर कई मामले दर्ज हो चुके हैं, अन्य की जांच चल रही है।
इसका विरोध करते हुए लगभग 27 पीड़ितों की तरफ से कहा गया कि पुलिस ने अभी तक उनकी प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की। जब तक मुकदमा दर्ज नहीं होगा तब तक डूबी रकम वापस नहीं मिलेगी। जिस पर कोर्ट ने उनसे कहा कि अपनी शिकायत सीबीआइ को दें। साथ में धनराशि जमा करने के प्रमाण भी शिकायत में संलग्न करें।
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इस मामले में देहरादून और ऋषिकेश सहित अन्य जगहों के कई पीड़ितों की तरफ से जनहित व एक अन्य याचिका दायर की गई। जिसमे कहा गया कि इस मामले की सीबीआइ से जांच कराई जाए। बता दें कि इस घोटाले में राज्य में 13 जबकि अन्य प्रदेशों में 70 मामले दर्ज हो चुके हैं। रकम दोगुनी करने का झांसा देकर कंपनी लोगों की धनराशि लेकर फरार हो गई।