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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्रिसमस की भीड़ में उचक्‍कों की मौज, कई पर्यटकों के मोबाइल उड़ाए

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Tue, 25 Dec 2018 07:12 PM (IST)

    शहर में क्रिसमस पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ी तो उचक्कों ने पंत पार्क से लेकर नैना देवी मंदिर के आसपास, तिब्बती बाजार तक के इलाके में आधा दर्जन पर्यटकों के ...और पढ़ें

    क्रिसमस की भीड़ में उचक्‍कों की मौज, कई पर्यटकों के मोबाइल उड़ाए
    क्रिसमस की भीड़ में उचक्‍कों की मौज, कई पर्यटकों के मोबाइल उड़ाए

    नैनीताल, जेएनएन : शहर में क्रिसमस पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ी तो उचक्कों ने पंत पार्क से लेकर नैना देवी मंदिर के आसपास, तिब्बती बाजार तक के इलाके में आधा दर्जन पर्यटकों के महंगे मोबाइल उड़ा लिए। पर्यटकों की शिकायत पर पुलिस एक्टिव हुई तो उचक्के फरार हो गए। अब उनकी तलाश में पुलिस टीम जुटी है। सादी वर्दी में भी पुलिस कर्मियों को लगाया गया है।

    मंगलवार दोपहर बाद पंत पार्क में बैंड स्टेंड के पास दो पर्यटकों के मोबाइल उड़ा लिए। जैसे ही उन्हें पता चला तो होश फाख्ता हो गए। तभी हल्द्वानी व नैनीताल से पहुंचे दो बच्चों को पर्यटक रिक्शा स्टेंड पुलिस चौकी ले आए। चौकी में एसआई जयानंद पाण्डे, टीएसआई उमानाथ मिश्रा, कांस्टेबल विनोद यादव व अन्य ने बच्चों से पूछताछ की। तभी अन्य पर्यटक भी मोबाइल उड़ाने की शिकायत लेकर पहुंच गए तो पुलिस में हड़कंप मच गया। कोतवाल विपिन पंत ने तत्काल एसआइ दीपक बिष्टï व एसआई आशा बिष्टï समेत कांस्टेबल मनोज जोशी व विनोद यादव की टीम बनाकर भेजा। जांच पड़ताल की गई मगर उचक्कों का सुराग नहीं लगा। कोतवाल विपिन पंत ने बताया कि आधा दर्जन पर्यटकों ने मोबाइल गुम होने की तहरीर दी है, जिसे दर्ज कर लिया गया है। इसमें काशीपुर के गिरीश लांबा, सुल्तानबाग भोपाल के राजू गोस्वामी, गुरुग्राम हरियाणा के सचिन, तिब्बती बाजार के तेंजिन, कैंची धाम भवाली के गिरिजा मेहता, खटीमा की तनुजा चंद शामिल हैं।

    हल्द्वानी से आया था गैंग

    सूत्रों के अनुसार हल्द्वानी से उच्चकों का गैंग नैनीताल पहुंचा था। इसमें भीख मांगने वाले बच्चे भी बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि यह बच्चे पलक झपकते ही मोबाइल उड़ा लेते हैं। पुलिस ने एक बच्चे के मोबाइल की जांच पड़ताल की तो पता चला कि वह उसके मामा का था और दो साल पहले माल रोड में पड़ा मिला था। पुलिस के बुलावे पर बच्चे मां-बाप पहुंच गए। जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

    मेरा तो सब कुछ मोबाइल में था

    मोबाइल उड़ाने से एक महिला पर्यटक इतनी व्यथित हुई कि रोने लगी। वह कह रही थी कि उसके मोबाइल में तमाम जानकारी थी। अब मैं क्या करूंगी। उसने पुलिस कर्मियों से मोबाइल का पता लगाने की गुहार की।

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