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    Nainital High Court Shifting: जहां मिली जमीन, वहां से उजाड़े जाएंगे 15 हजार पौधे

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 09:51 AM (GMT+05:30)

    कैबिनेट ने हल्द्वानी में हाई कोर्ट के लिए 30 हेक्टेयर भूमि को मंजूरी दी है, लेकिन इस चिह्नित जमीन से लगभग 15 हजार नए पौधे उजाड़े जाएंगे। इस प्रक्रिया ...और पढ़ें

    रामपुर रोड बेल बाबा मंदिर के सामने हाईकोर्ट के लिए आवंटित वन विभाग की जमीन। जागरण

     रामपुर रोड बेल बाबा मंदिर के सामने हाईकोर्ट के लिए आवंटित वन विभाग की जमीन। जागरण 

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    ललित मोहन बेलवाल, हल्द्वानी। आखिरकार हाई कोर्ट नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होने का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को कैबिनेट ने बेलबाबा में 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण के लिए मंजूरी दी, लेकिन जिस प्लाट नंबर 46 और 47 की 73 हेक्टेयर जमीन में से स्वीकृत जमीन फाइनल करनी है, वहां से लगभग 15 हजार पौधे उजाड़े जाएंगे।

    मानसून सीजन शुरू होने के बाद बेलबाबा मंदिर के सामने की खाली वनभूमि पर नया पौधरोपण किया गया। इसी क्रम में जिस प्लाट नंबर 46 और 47 का हाई कोर्ट के लिए निरीक्षण किया गया था, वहां पर भी पौधे लगाए गए। सूत्रों के मुताबिक, यहां पर प्रति हेक्टेयर बीज बोने के बाद लगभग 500 पौधे लगाए गए।

    अब चूंकि यहीं से 30 हेक्टेयर भूमि चयनित करनी है। ऐसे में यहां पर लगे 15 हजार पौधों को हटाना पड़ेगा। यहां पर शीशम, खैर, जामुन, नीम, बेल समेत अन्य प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, प्रति हेक्टेयर 500 पौधे लगाने में लगभग दो से ढाई लाख रुपये लगते हैं। इसमें जुताई, तार और खंभे लगाने, मेड़ बनाने, बीज बोने, पौधों की खरीद और मजदूरी का खर्च शामिल होता है। यानी 30 हेक्टेयर भूमि में पौधे लगाने में 60 से 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

    हस्तांतरण प्रक्रिया पर बोलने से बच रहे अधिकारी

    आमतौर पर अगर वन भूमि 2.25 हेक्टेयर से अधिक हो तो उसके हस्तांतरण के लिए केंद्रीय वन मंत्रालय से स्वीकृति लेनी होती है। वनभूमि की हस्तांतरण प्रक्रिया रेंज स्तर से शुरू होगी।

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    इसके बाद आवेदन डिवीजन, सर्किल कार्यालय और मुख्यालय तक पहुंचेगा। फिर नोडल स्टेट से केंद्रीय वन मंत्रालय से आवेदन को अंतिम स्वीकृति मिलती है। लेकिन, मामला कोर्ट से जुड़ा होने के कारण वन विभाग के अधिकारी हस्तांतरण प्रक्रिया को लेकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि उच्च स्तर से जो भी आदेश मिलेंगे, उसके अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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