विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ज्‍योतिष गणित : कोरोना प्रकोप 14 अप्रैल से कम होगा, मई से मिलेगी राहत Nainital News

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 11 Apr 2020 11:28 AM (IST)

ज्योतिषाचार्यों ने दुनियाभर पर छाई कोरोना विपत्ति के लिए ग्रहों की स्थिति को वजह बताया है। भारत में 14 अप्रैल के बाद कोरोना का प्रकोप कम होने की स्थिति बन रही है।

ज्‍योतिष गणित : कोरोना प्रकोप 14 अप्रैल से कम होगा, मई से मिलेगी राहत Nainital News
ज्‍योतिष गणित : कोरोना प्रकोप 14 अप्रैल से कम होगा, मई से मिलेगी राहत Nainital News

हल्द्वानी, जेएनएन : कोरोना महामारी ने हर किसी को सहमा दिया है। देशभर में मरने वालों की संख्या तीन सौ के करीब पहुंच गई हैं। किसी का रोजगार छूट गया, कोई अपने परिवार से दूर रहकर मुश्किल घड़ी के बीतने का इंतजार है। वैज्ञानिक और डॉक्टर कोरोना का इलाज ढूंढने में लगे हैं और प्रशासन लोगों को महामारी से बचाने व राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा है। ज्योतिषाचार्यों ने दुनियाभर पर छाई विपत्ति के लिए ग्रहों की स्थिति को वजह बताया है। भारत में 14 अप्रैल के बाद कोरोना का प्रकोप कम होने की स्थिति बन रही है।

षडग्रही योग में महामारी की शुरुआत

श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि 25-27 दिसंबर 2019 तक षडग्रही योग बना था। इससे कोरोना की शुरुआत हुई। 23 मार्च को मकर में मंगल का प्रवेश हो गया। शनि, गुरु पहले से मकर में मौजूद थे। तीनों ग्रहों का मेल शुभकारक नहीं माना जाता।

14 अप्रैल से राहत, मई शुरुआत में क्षीण होगा प्रभाव

डॉ. नवीन जोशी ने बताया कि कोरोना से राहत की शुरुआत 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ हो जाएगी। मेष संक्रांति की कुंडली भी अच्छे समय का संकेत कर रही है। सूर्य अपनी उच्च राशि में आएंगे तो उनका प्रभाव शुरू हो जाएगा। गुरु, मंगल व शनि की मकर में युति से अभी यह प्रभाव दिख रहा है। मई के पहले सप्ताह में प्रभाव क्षीण होने लगेगा, जबकि इसका असर सितंबर तक रह सकता है।

4 मई को बदलेगी मंगल की राशि

पंडित मुकेश तिवारी ने बताया कि 11 मई को बृहस्पति के वक्री होने के बाद से इसका असर कमजोर होगा। चार मई को मंगल भी राशि बदलेंगे। इसके बाद कोरोना का असर कम होना शुरू हो जाएगा और लोग राहत महसूस करेंगे।

यह भी पढ़ें : कार में तड़पता मिला आयुर्वेद डॉक्टर, अस्पताल में मौत, जांच में जुटी पुलिस

यह भी पढ़ें : बैग बनाने वाली कंपनी ने तैयार की महज 500 रुपये की पीपीई किट