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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    राइस मिलर ने गरीबों के चावल का करोड़ों हड़पा, लेकिन राशन का पता नहीं

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Tue, 11 Dec 2018 11:03 AM (IST)

    राईस मिलर ने गरीबों के चावल का करोड़ों रुपये सरकार से ले लिया, मगर राशन का अता-पता ही नहीं है। मिलर की यह करतूत सूचना का अधिकार में सामने आई है। ...और पढ़ें

    राइस मिलर ने गरीबों के चावल का करोड़ों हड़पा, लेकिन राशन का पता नहीं
    राइस मिलर ने गरीबों के चावल का करोड़ों हड़पा, लेकिन राशन का पता नहीं

    जसपुर, जेएनएन : राईस मिलर ने गरीबों के चावल का करोड़ों रुपये सरकार से ले लिया, मगर राशन का अता-पता ही नहीं है। मिलर की यह करतूत सूचना का अधिकार में सामने आई है। इससे विपणन अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। शिकायत के बाद एसएसपी के आदेश पर राइस मिल के निदेशक के खिलाफ गबन के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही मामले की जांच सीओ को सौंप दी गई है। ऐसे में जांच में कई और लोग फंस सकते हैं। 

    मोहल्ला गुजरातियान निवासी अधिवक्ता रविश जैन पुत्र राजबहादुर जैन ने सूचना का अधिकार में 26 सितंबर 2018 को वरिष्ठ विपणन अधिकारी दफ्तर से अफजलगढ़ रोड स्थित डीएन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड जसपुर के निदेशक निदेशक निकेश अग्रवाल की राइस मिल से सूचना मांगी। मिल से संबंधित मूवमेंट चालान एवं स्टेटपूल व सरकार द्वारा किए गए भुगतान की प्रतियां मांगी थी। प्राप्त सूचना के मुताबिक वरिष्ठ विपरण अधिकारी कार्यालय ने चावल भेजने के लिए जो मूवमेंट चालान स्टेटपूल राइस मिलर के नाम जारी किए थे, उसमें ट्रकों की संख्या भी अंकित थी। इन्हीं ट्रकों से राज्य के विभिन्न जिलों में चावल भेजे जाने थे। मगर उसमें विपणन कार्यालय के द्वारा जारी ये अन्य वाहनों के नंबर हैं। इससे प्रतीत होता है कि राइस मिलर ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी के अफसरों व कर्मचारियों से सांठगांठ कर सरकारी चावल को राज्य के विभिन्न जिलों में नहीं भेजा। फर्जी एवं कू्टरचित मूवमेंट चालान बनाकर सरकार के करोड़ों रुपये का भुगतान  राइस मिलर ने डकार लिया। सरकारी चावल, जो गरीबों को वितरण किया जाना था, वह वितरण नहीं हो सका।

    जैन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वीके कृष्ण कुमार को शिकायत पत्र देकर राइस मिलर पर चावल का करोड़ों रुपये डकारने का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की। कप्तान के आदेश पर जसपुर कोतवाल ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। साथ ही मामलेे की जांच जांच सीओ राजेश भट्ट को सौंपी दी है। सीओ राजेश भट्ट,कोतवाल अबुल कलाम एवं पुलिस टीम ने एसएमआइ कार्यालय पहुंचकर ऑफिस को सील कर दिया। एसएमआई नलनीकांत, एमआइ कृष्ण कुमार आदि से पूछताछ की। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है।

    मामले की जांच सीओ काशीपुर को सौंपी गई है

    वीके कृष्ण कुमार, एसएसपी, यूएस नगर ने बताया कि शिकायत पत्र पर केस दर्ज कराया गया है। मामले की जांच सीओ काशीपुर को सौंपी गई है।जांच की शुरुआत है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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