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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bhimtal Student Death: सदमे में पिता, बोले- 'मेरी बच्ची ने जूनियर से रैगिंग का विरोध किया था, वह आत्महत्या नहीं कर सकती'

    Updated: Fri, 01 Aug 2025 03:53 PM (IST)

    भीमताल के एक शिक्षण संस्थान में छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद पिता ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने रैगिंग सूचना में देरी और सबूतों से छेड़छाड़ की आ ...और पढ़ें

    भीमताल के नामी शिक्षण संस्थान में छात्रा की मौत मामले में पिता ने उठाए सवाल। प्रतीकात्‍मक
    भीमताल के नामी शिक्षण संस्थान में छात्रा की मौत मामले में पिता ने उठाए सवाल। प्रतीकात्‍मक

    HighLights

    1. छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
    2. पिता ने शिक्षण संस्थान पर लगाए आरोप
    3. रैगिंग के विरोध की आशंका

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। भीमताल के निजी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत बीसीए की छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला था। उसकी मौत के बाद हल्द्वानी पहुंचे पिता ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटी के कमरे में प्रथम वर्ष की एक छात्रा रह रही थी।

    दो दिन पहले एक सीनियर ने कमरे में पहुंचकर प्रथम वर्ष की छात्रा से रैगिंग की थी। जिसका उनकी बेटी ने विरोध किया था। साथ ही रैगिंग करने वाली सीनियर का वीडियो बनाकर उन्हें भेज दिया था। उनका कहना है कि बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती है। पुलिस को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी चाहिए। ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

    लखनऊ के थाना मड़ियांव अंतर्गत वेदनाथपुरम निवासी 18 वर्षीय छात्रा भीमताल के एक नामी शिक्षण संस्थान में बीसीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा थी। बुधवार को उसका शव कमरे के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला था। हल्द्वानी पहुंचे छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी सुबह सवा नौ बजे पढ़ने के लिए जाती थी।

    दोपहर एक बजे छुट्टी के बाद वह लंच करके दो बजे तक कमरे में पहुंच जाती थी। शिक्षण संस्थान से उन्हें शाम को 5:23 बजे फोन किया जाता है। फोन करने वाले ने उन्हें बताया कि वार्डन ने उन्हें तत्काल संस्थान में पहुंचने को कहा, लेकिन बेटी के मरने की बात नहीं बताई। वह अपने साले व अन्य लोगों के संग भीमताल के लिए निकल गए।

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    छात्रा के पिता का आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले उनकी बेटी के शव को फंदे से उतार दिया गया? बेटी के साथ दो से तीन बजे के बीच अनहोनी हुई तो उन्हें देर से सूचना क्यों दी गई? संस्थान में पहुंचने के बाद वार्डन ने एक बार भी उनके मुलाकात नहीं की। उन्होंने बताया कि बेटी प्रथम वर्ष में पढ़ने आई एक छात्रा के संग हास्टल के कमरे में रहती थी।

    मंगलवार को एक सीनियर उनके कमरे में आई और यह कहा कि उसे छात्रा की काउंसलिंग करनी है। जूनियर से रैगिंग की गई। इसका उनकी बेटी ने न केवल विरोध किया, बल्कि वीडियो भी बना लिया। यह वीडियो उन्हें वाट्सएप पर भेजा गया। इस बारे में उन्होंने बेटी से कहा था कि इसकी शिकायत वार्डन से जाकर करे।

    छात्रा के पिता का कहना है कि बेटी की मौत का राज कुछ और है। उन्होंने पुलिस ने निष्पक्ष जांच की मांग करने को कहा है। इधर, पुलिस ने डाक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी कराई। जिसके बाद स्वजन शव को संग लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुए।

    पिता ने शिक्षण संस्थान से पूछे ये सवाल

    • बेटी ने जिस कमरे में फंदा लगाया उसकी ऊंचाई अधिक है। वह वहां तक कैसे पहुंचीं? अगर पहुंच भी गई तो उसके नीचे से बैड किसने खिसकाया? फंदा लगाकर भारी भरकम बैड खिसकाना संभव नहीं था।
    • जिस कमरे में बच्ची रहती थी। उसकी अलमारी लाक थी। पुलिस के पहुंचने से पहले अलमारी कैसे खुल गई और चाबी कमरे में कैसे आई?
    • फोरेंसिक टीम को बुलाने पर शिक्षण संस्थान को आखिर किस बात का डर था?
    • दरवाजा तोड़ा गया या खिड़की से झांककर देखा। इसे लेकर उन्हें बार-बार गुमराह क्यों किया गया?

    रक्षाबंधन पर घर जाने के लिए करा दी थी टिकट

    नामी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली बीसीए की छात्रा होनहार थी। 12 अगस्त 2024 में वह भीमताल पढ़ने के लिए आई थी। उसके मामा ने बताया कि भांजी ने रक्षाबंधन पर घर आने के लिए ट्रेन की टिकट करा दी थी। छात्रा घर की इकलौती बेटी थी। उसका भाई नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता है। पिता कारोबारी हैं।