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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इन दिग्‍गजों का स्‍कूल बुरे दौर में, बोर्ड ने हटाया सूची से नाम

By BhanuEdited By:
Published: Tue, 22 Nov 2016 12:54 PM (IST)Updated: Wed, 23 Nov 2016 05:03 AM (IST)

उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, महान हॉकी खिलाड़ी सैय्यद अली जैसे फनकारों की पाठशाला रहा चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

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नैनीताल, [किशोर जोशी]: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पं. नारायण दत्त तिवारी, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे, महान हॉकी खिलाड़ी सैय्यद अली व पूर्व ओलंपियन राजेंद्र रावत जैसे फनकारों की पाठशाला रहा नैनीताल का प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था चेतराम साह ठुलघरिया (सीआरएसटी) इंटर कॉलेज आज अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि उसी विद्यालय को उत्तराखंड बोर्ड ने अपनी हाई स्कूल-इंटर बोर्ड परीक्षा केंद्र की सूची से हटा दिया। इससे कभी ऐसी शख्सियतों ने शिक्षा प्राप्त कर देश-प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
लगभग नौ दशक पहले बने स्कूल में आज हाई स्कूल और इंटर के 75 बोर्ड परीक्षार्थी जुटाना मुश्किल हो गया है। 11927 में चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज (अशासकीय) की स्थापना के बाद कई फनकारों ने यहां शिक्षा प्राप्त की।

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आलम यह है कि पिछले पांच साल से विद्यालय में लगातार छात्र संख्या घटी है। शिक्षा विभाग का मानना है कि किसी विद्यालय को परीक्षा केंद्र तभी बनाया जाता है, जब वहां हाई स्कूल-इंटर के कम से कम 75 परीक्षार्थी परीक्षा दें।
सीआरएसई कॉलेज में इस बार व्यक्तिगत परीक्षा के लिए इंटर में 21, जबकि हाई स्कूल में महज 16 परीक्षार्थियों ने आवेदन किए। वहीं संस्थागत परीक्षा के लिए 67 परीक्षार्थियों ने आवेदन किए हैं। ऐसे में विभाग ने सीआरएसटी कॉलेज को बोर्ड परीक्षा केंद्र की सूची से हटाकर केंद्र जीआइसी नैनीताल बनाया है।

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घटे एक हजार बच्चे
2003 में कक्षा छह से 12 तक विद्यालय में कुल 1170 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। वहीं 13 साल बाद यानी 2016 में छात्र संख्या घटकर करीब दो सौ पहुंच गई। यहीं नहीं 2014 में सीआरएसटी कॉलेज में करीब 110 परीक्षार्थियों ने हाई स्कूल-इंटर बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया तो 2015 में यही आंकड़ा 87 विद्यार्थियों का हो गया।
1952 में बना था इंटरमीडिएट
1952 में इंटरमीडिएट बने सीआरसीटी कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी जैसे दिग्गज नेता ने 1934 जबकि ओलंपियन सैय्यद अली व राजेंद्र रावत, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे ने 60 के दशक में दाखिला लिया।

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बिग्रेडियर पंकज शील, पवन शील के अलावा प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. वाइएस पॉल, कर्नल नीरज तिवारी व कर्नल एसके जोशी इसी विद्यालय के छात्र रहे हैं। इसके बावजूद आज स्कूल बदहाल है।
सीआरएसटी के प्रबंधक अनूप शाह कहते हैं कि स्कूल में योग्य शिक्षकों की कमी नहीं है। कभी-कभी फेल छात्रों को भी प्रवेश देना मजबूरी बन जाता है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा विभाग से वजह पूछी जाएगी।

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सीआरएसटीसीआर के प्रधानाचार्य मनोज पांडे के अनुसार, अधिकृत तौर पर इसकी जानकारी नहीं है। विद्यालय से 37 छात्रों ने व्यक्तिगत परीक्षा फार्म भरा है। व्यक्तिगत-संस्थागत परीक्षार्थियों को जोड़ने के बाद का मानक बोर्ड परीक्षा केंद्र के मानकों में आता है अथवा नहीं, इसका पता किया जाएगा।
सीईओ नैनीताल रघुनाथ लाल के मुताबिक, एसटी में बोर्ड परीक्षा फार्म भरने वाले छात्रों की संख्या 67 है, जबकि परीक्षा केंद्र बनाने के लिए मानक संख्या न्यूनतम 75 होनी जरूरी है। इसलिए अब सीआरएसटी के बोर्ड परीक्षा के छात्र जीआइसी नैनीताल में परीक्षा देंगे।

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