Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आज होगा साल का सबसे छोटा दिन, सूर्य की स्थिति होगी दक्षिणायन

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Sat, 22 Dec 2018 12:39 PM (IST)

    इस वर्ष का सबसे छोटा दिन आज होगा। इसके बाद दिन की अवधि लंबी होनी शुरू हो जाएगी। साथ ही सूर्य उत्तरी गोलार्ध दिशा में जाना शुरू हो जाएगा। ...और पढ़ें

    आज होगा साल का सबसे छोटा दिन, सूर्य की स्थिति होगी दक्षिणायन
    आज होगा साल का सबसे छोटा दिन, सूर्य की स्थिति होगी दक्षिणायन

    नैनीताल, जेएनएन : इस वर्ष का सबसे छोटा दिन आज होगा। इसके बाद दिन की अवधि लंबी होनी शुरू हो जाएगी। साथ ही सूर्य उत्तरी गोलार्ध दिशा में जाना शुरू हो जाएगा। पृथ्वी के अपने अक्ष में घूमने के कारण दिन रात होते हैं। इसी कारण दिन व रात का समय घटता बढ़ता रहता है।

    इन दिनों सूर्य की स्थिति दक्षिणायन है। जिसके चलते दक्षिणी गोलाद्र्ध में सूर्य की किरणें सीधी पड़ रही हैं और वहां ग्रीष्म का मौसम है। साथ ही वहां के दिन लंबे व रातें छोटी होंगी। इसके ठीक विपरीत उत्तरी गोलाद्र्ध में दिन छोटे व रातें लंबी हैं। आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे के अनुसार दिन-रात सामान्य प्रक्रिया है। पृथ्वी 23.5 डिग्री झुके होने के साथ ही अपने अक्ष में घूमती है। दिन व रात की अवधि कम व अधिक होना वर्ष भर की चलन है। सूर्य के उत्तरी गोलाद्र्ध दिशा में जाने के बाद दिन लंबे होने शुरू हो जाएंगे। यह प्रक्रिया अगले छह माह तक जारी रहेगी, जिसके चलते 21 जून का दिन साल का सबसे लंबा दिन होगा। वर्ष में दो बार ऐसी स्थिति बनती है, जब दिन व रात का समय बराबर हो जाता है। यह समय मार्च व सितंबर माह में बनती है। सूर्य के उत्तरी गोलाद्र्ध में होने के उपरांत सूर्य की किरणें इस दिशा में कुछ माह बाद सीधी पडऩी शुरू होने लगेंगी, जिससे यहां गर्मी का आभास बढऩे लगेगा और ग्रीष्म ऋतु आ जाएगी।

    जीवन के लिए वरदान है धरती का झुका होना

    पृथ्वी का अपने अक्ष में झुके होने के साथ अपने अक्ष में घूमना जीवन के लिए वरदान है, जिससे मौसम में परिवर्तन आता है और ऋतुएं बनती हैं। अगर ऐसा नही होता तो धरती पर पूरे वर्ष मौसम एक समान रहता। पृथ्वी का जो हिस्सा सूर्य के सामने होता, वहां पूरे वर्ष गर्मी रहती और पीछे का हिस्सा पूरे वर्ष अंधकार में डूबा रहता।

    यह भी पढ़ें : फर्श वाले कमरे में भी करिए मशरूम का उत्‍पादन, सरकार ऐसे करेगी मदद

    खबरें और भी