कैंची धाम में पर्यटक महंगाई से परेशान, सर्वे में सामने आए कई चौंकाने वाले फैक्ट्स
कैंची धाम क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक सर्वे पूरा हो गया है, जिसमें होटल व होमस्टे ऑफ सीजन में भी मुनाफे में पाए गए, लेकिन पर्यटक महंगाई से परेशान हैं।

कैंची धाम क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक सर्वे पूरा, अर्थ व सांख्यिकी विभाग ने सरकार को भेजी सर्वे रिपोर्ट।

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संवाद सूत्र, गरमपानी (नैनीताल) । भवाली के कैंची धाम क्षेत्र के होटल व होमस्टे ऑफ सीजन में भी मुनाफे में हैं जबकि पर्यटक यहां की महंगाई से बेहाल हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर हुए सर्वे में शटल सेवा से व्यवसायियों को हुए नुकसान समेत कई तथ्य सामने आए हैं। मुख्य सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुकेश सिंह नेगी ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
सुप्रसिद्ध कैंची धाम में रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से कैंची क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। बाबा के धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के मद्देनजर कुछ समय पूर्व कैंची धाम की भार वहन क्षमता के साथ ही पंजीकरण व्यवस्था लागू करने का सर्वे पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में होटल व होम स्टे का सर्वे कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
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चिह्नित पचास होटल व होम स्टे में पंजीकरण की स्थिति, एसी व नॉन-एसी की उपलब्धता, बेड की संख्या, आय-व्यय का ब्योरा तथा यात्रियों के संख्यात्मक विवरण का डाटा एकत्र किया गया। इसके अलावा भोजन, वाहन, चिकित्सा, इंटरनेट, मनी एक्सचेंज, रोजगार की स्थिति और कर्मचारियों के वेतन भुगतान का आंकड़ा भी जुटाया गया है। आर्थिक और वहन क्षमता के इस सर्वे में कई अहम जानकारियां सामने आईं। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव एक मुख्य समस्या के रूप में उभरा जिसे यात्रियों व स्थानीय लोगों ने भी उठाया है।
होटलों में कमरे का किराया दो से सात हजार रुपये तक
सर्वे में सामने आया कि वेतन और किराये के आंकड़ों के अनुसार, होम स्टे के कर्मचारियों को औसतन दस से पंद्रह हजार तथा होटल कर्मचारियों को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। होम स्टे में कमरों का किराया लगभग एक से तीन हजार और होटलों में दो से सात हजार रुपये तक है।
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होटल व होम स्टे संचालकों ने बताया कि शटल सेवा के माध्यम से आने वाले यात्री रात्रि विश्राम नहीं कर रहे हैं जिससे स्थानीय व्यवसाय को नुकसान हो रहा है। यात्रियों ने क्षेत्र में दैनिक उपयोग की वस्तुओं के अधिक मूल्य होने तथा स्थानीय स्तर पर महंगाई की शिकायत भी की है
। जिला अर्थ व सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी ने बताया कि कैंची धाम क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक, पर्यटन, रोजगार व यातायात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है।
