UKPSC की परीक्षा में फेल हुई कैंडिडेट्स को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, देख सकेंगे अपनी आंसर शीट
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अतिरिक्त निजी सचिव की शॉर्टहैंड परीक्षा में असफल अभ्यर्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने उत्तराखंड ...और पढ़ें

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से लगाई रोक हटाई. Concept Photo

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जागरण संवाददाता, नैनीताल । हाई कोर्ट ने अतिरिक्त निजी सचिव के पद के लिए शार्टहैंड परीक्षा में असफल प्रतिभागियों को अपनी उत्तर पुस्तिका देखने की अनुमति देते हुए रिजल्ट नोटिस के फुटनोट नंबर चार में लगी पूरी रोक को हटा दिया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में अभ्यर्थी राजवीर सिंह और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से इन पदों पर भर्ती के लिए आयोजित शार्ट हैंड परीक्षा परिणाम को चुनौती दी।
प्रतिभागियों का कहना था कि वह स्व मूल्यांकन में संतोषजनक प्रदर्शन के बावजूद असफल होने से हैरान थे और उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका देखने की मांग की। फुटनोट नंबर चार के आधार पर देखने से मना कर दिया गया, जिसमें अंतिम परिणाम घोषित होने तक देखने पर रोक लगाई गई थी।
इन प्रतिभागियों ने तर्क दिया कि सूचना का अधिकार के तहत सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए उत्तर पुस्तिका दिखाना आवश्यक है। इससे मना करने से उन्हें पुस्तिका जांच को प्रमाणित करने का अवसर नहीं मिला, जो कि सरकारी भर्ती की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
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सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि नियुक्ति प्रक्रिया की निष्ठा बनाए रखने और जारी पुस्तिका जांच के दौरान थर्ड-पार्टी के असर को रोकने के लिए यह रोक आवश्यक थी। कोर्ट ने इन कारणों को पर्याप्त नहीं पाया। कोर्ट ने माना कि फुटनोट नंबर चार, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत कानूनी अधिकारों के विरुद्ध था।
यूपीएससी के कंडक्ट रूल्स के रूल 71 (7) को भी कम करके बताया ताकि आरंभिक दौर में बाहर किए गए प्रतिभागियों की पुस्तिका की जांच आसान हो सके। जिससे उन्हें उन संभावित गलतियों की जांच करने की अनुमति मिल सके, जिनके कारण से उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर किया गया हो।