कूड़ा प्रबंधन: पहले कचरे को तोलेगा निगम, फिर दूसरे शहरों से हल्द्वानी मंगाएगा ढेर; रोजाना 400 मीट्रिक टन कचरा जरूरी
हल्द्वानी नगर निगम गौला बाईपास ट्रंचिंग ग्राउंड में आने वाले कचरे का एक महीने तक विशेष आकलन करेगा। यह कदम एनटीपीसी के साथ हुए वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट अ ...और पढ़ें

वास्तविक भार के आकलन को एक माह तक विशेष निगरानी। जागरण आर्काइव
HighLights
एक माह तक कचरे की विशेष तुलान निगरानी होगी
एनटीपीसी प्लांट को प्रतिदिन 400 मीट्रिक टन कचरा चाहिए
कमी होने पर अन्य शहरों से कचरा मंगाया जाएगा
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। गौला बाईपास स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में वर्तमान में जिले के अलग-अलग शहरों से कितना कचरा पहुंचता है, इसका नए सिरे से आकलन करने के लिए एक माह तक तुलान की विशेष निगरानी के साथ ही हर गाड़ी का रिकार्ड रखा जाएगा।
नेशनल थर्मल पावर कोरपोरेशन (एनटीपीसी) संग वेस्ट टू चारकोल प्लांट के निर्माण को लेकर हुए अनुबंध में रोजाना 400 मीट्रिक टन कचरे की जरूरत बताई गई है। तुलान रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसी आधार पर बाहर से यहां कचरा मंगाया जाएगा। रामनगर-कालाढूंगी के अलावा ऊधम सिंह नगर से भी कचरे की मांग करने की संभावना है।
गौला बाईपास स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में वर्तमान में हल्द्वानी शहरी व ग्रामीण के अलावा नैनीताल, भीमताल, लालकुआं और भवाली पालिका क्षेत्र से कचरा पहुंचता है। निगम का आकलन है कि रोजाना करीब 230 मीट्रिक टन कचरा यहां पहुंचता है। लेकिन पिछले चार साल से भार क्षमता इतनी ही बताई जा रही है। दूसरी तरफ ट्रंचिंग ग्राउंड में तुलान को लेकर धर्मकांटा तो लगा है। लेकिन कई बार वाहन चालक बाहरी हिस्से में गाड़ी खाली कर चले जाते हैं।
वहीं, आबादी में बढ़ोतरी को देखते हुए निगम को लगता है कि रोजाना आने वाले कचरे की मात्रा जरूर बढ़ी होगी। यही वजह है कि सत्यापित रिपोर्ट के लिए एक महीने तक यहां आने वाली हर गाड़ी का तुलान अनिवार्य होगा। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कांडपाल ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर ही दूसरे शहरों से मांग की जाएगी। ताकि 400 मीट्रिक टन कचरा पूरा हो सके।