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    उत्तराखंड: अंकिता भंडारी के माता-पिता भालू के हमले में बाल-बाल बचे, सीएम धामी से मुलाकत कर लौट रहे थे घर

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 05:47 PM (IST)

    मुख्यमंत्री से मिलकर घर लौटते समय अंकिता भंडारी के माता-पिता और वाहन चालक पौड़ी गढ़वाल के डोभ-श्रीकोट के पास भालू के हमले से बाल-बाल बचे। अंकिता की मा ...और पढ़ें

    जीएमवीएन श्रीनगर में पत्रकारों से वार्ता करतीं अंकिता भंडारी की माता सोनी देवी। साथ में अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी। जागरण

    जीएमवीएन श्रीनगर में पत्रकारों से वार्ता करतीं अंकिता भंडारी की माता सोनी देवी। साथ में अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी। जागरण

    HighLights

    1. अंकिता के माता-पिता भालू के हमले से बाल-बाल बचे

    2. मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात के बाद लौटते समय हुई घटना

    3. पौड़ी के डोभ-श्रीकोट क्षेत्र में भालू का आतंक

    जागरण संवाददाता, पौड़ी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर गांव लौट रहे दिवंगत अंकिता के माता-पिता व वाहन चालक भालू के हमले से बाल-बाल बचे। गांव के समीप डोभ-श्रीकोट में तबीयत बिगड़ने पर अंकिता की माता वाहन से बाहर उल्टी करने उतरीं। साथ ही अंकिता के पिता व चालक भी उतरे।

    इसी दौरान वहां भालू आ धमका। भालू जब तक तीनों पर हमले के लिए झपटता, तब तक सभी सक्रियता के साथ तेजी से वाहन में बैठे और चालक ने तत्काल वाहन गांव की ओर दौड़ा दिया। इसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली।

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को जिला प्रशासन पौड़ी बीते सात जनवरी को मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात करवाने के लिए देहरादून लेकर गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर ये सभी लोग बीते आठ जनवरी को गांव लौट रहे थे। गांव के समीप डोभ-श्रीकोट में अंकिता के माता-पिता व चालक के समीप एक भालू आ धमका, जिसके हमले से सभी बाल-बाल बचे।

    अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद वे गुरुवार को गांव लौट रहे थे। गांव के समीप डोभ-श्रीकोट में पत्नी सोनी देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद वह उल्टी करने के लिए वाहन से बाहर उतरीं। उनके साथ वीरेंद्र भंडारी और वाहन चालक भी उतरे।

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    उन्‍होंने बताया, '' मेरी पत्नी जब उल्टी कर ही रही थी। इसी दौरान एक भालू अचानक हमारी ओर बढ़ने लगा। जिसे देखकर सभी डर गए और तेजी से हम तीनों वाहन में बैठ गए। चालक ने वाहन को गांव की ओर दौड़ाया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।''

    उन्होंने कहा कि डोभ-श्रीकोट व आसपास के क्षेत्रों में एक भालू सक्रीय है, जिसकी दहशत बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन व वन विभाग से क्षेत्र को भालू के आंतक से निजात दिलाए जाने की मांग की।

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